टीम इंडिया के उभरते सितारे युजवेंद्र चहल युवाओं के लिए प्रेरणा स्त्रोत हैं। जींद जैसे एक छोटे से शहर से निकलकर क्रिकेट की दुनिया में अपनी पहचान बनाने वाले युजवेंद्र आज किसी परिचय के मोहताज नहीं हैं। हर खिलाड़ी का सपना देश के लिए खेलना होता है। युजवेंद्र ने भी बचपन में जब क्रिकेट खेलना शुरू किया, तो उनका सपना भी देश के लिए खेलने का था। साल 2009 में प्रथम श्रेणी क्रिकेट खेलने की शुरुआत करने वाले युजवेंद्र को आईपीएल ने पहचान दिलाई। साल 2011 में युजवेंद्र को मुंबई इंडियंस की तरफ से आईपीएल खेलना शुरू करने वाले युजवेंद्र चैंपियंस लीग के फाइनल में तीन ओवर में नौ रन देकर दो विकेट लेकर चर्चा में आए। इसके बाद रॉयल चैलेंजर बैंगलोर की तरफ से खेलते हुए युजवेंद्र ने सबका ध्यान अपनी ओर खींचा।
इसी आईपीएल के नौंवे संस्करण में शानदार प्रदर्शन करते हुए 13 मैचों में 21 विकेट के साथ सर्वाधिक विकेट लेने वाले गेंदबाजों की सूची में दूसरे स्थान पर रहे। इस शानदार प्रदर्शन की बदौलत उनके लिए टीम इंडिया में खेलने के लिए दरवाजे खुल गए। उनका चयन जिंबाब्वे के खिलाफ एक दिवसीय और टी-20 मैचों के लिए हुआ। 11 जून को जिंबाब्वे के खिलाफ एक दिवसीय क्रिकेट में डेब्यू करने वाले युजवेंद्र ने अपनी पहली प्रतियोगिता में तीन एक दिवसीय मुकाबलों में छह विकेट तथा तीन टी-20 मुकाबलों में तीन विकेट लेकर अपनी लेग स्पिन के जलवे बिखेरे।
पिता ने खेत में बनवा दी बेटे के लिए पिच
युजवेंद्र के पिता केके चहल एडवोकेट हैं। उनका परिवार रेलवे रोड के पास रहता है। बचपन में युजवेंद्र के क्रिकेट के प्रति जुनून को देखते हुए उनके पिता केके चहल ने अपने खेतों में ही क्रिकेट की पिच तैयार करवा दी थी। यहां पर युजवेंद्र अपने साथियों के साथ गेंदबाजी का अभ्यास करते थे।
उपलब्धियां
एकदिवसीय मैच विकेट
03 06
टी-20 मैच
03 03
प्रथम श्रेणी क्रिकेट
20 37
अगला लक्ष्य देश के लिए टेस्ट खेलना
एकदिवसीय और टी-20 मुकाबलों में अपनी प्रतिभा का लोहा मनवा चुके युजवेंद्र फिलहाल आस्ट्रेलिया दौरे पर टीम इंडिया ए के साथ गए हैं। आस्ट्रेलिया में त्रिकोणीय एक दिवसीय सीरीज खेली जाएगी। इसमें आस्ट्रेलिया ए, इंडिया ए के अलावा तीसरी टीम दक्षिण अफ्रीका ए है। अब युजवेंद्र का अगला लक्ष्य देश के लिए टेस्ट मैच खेलना है और टीम में अपनी जगह पक्की करनी है।
सफलता का नहीं कोई शॉर्ट कट
आज हर युवा की जुबान पर युजवेंद्र का नाम है। जिले से क्रिकेट में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मुकाम हासिल करने वाले युजवेंद्र के अनुसार सफलता का कोई शॉर्ट कट नहीं है। लक्ष्य चाहे कितना ही मुश्किल और बड़ा क्यों न हो। कड़ी मेहनत से उसे प्राप्त किया जा सकता है।