संवाद न्यूज एजेंसी
जींद। भिवानी रोड पर बनाया जा रहा अंडरपास आसपास के लोगों की परेशानियों का कारण बन गया है। अंडरपास के लिए की गई खुदाई के बाद मिट्टी दरक रही है जिससे आसपास 30 के मकानों में दरारें पड़ गई हैं। वहीं कुछ मकान झुक कर पड़ोस वाले मकान पर टिक गए हैं। इससे लोगों में डर बना हुआ है। लोगों में इस बात का भय है कि कहीं मकान गिर न जाए। कुछ लोग तो ऐसे हैं जो अपनी दुकान छोड़कर जा चुके हैं।
अंडरपास का निर्माण हरियाणा स्टेट रोड्स एंड ब्रिज डेवलपमेंट कारपोरेशन लिमिटेड (एचएसआरडीसी) की ओर से कराया जा रहा है। जहां अंडरपास के लिए खोदाई की गई हैं वहां जगह कम है जिससे आसपास की मिट्टी दरक कर गिर रही है। यहां के लोगों का कहना था कि उनकी मांग ओवरब्रिज बनाने की थी लेकिन यहां अंडरपास बनाया जिससे मकानों में दरार पड़ने से उनके गिरने का डर बना हुआ है। अंडरपास के दोनों तरफ के मकान अपनी जगह छोड़ चुके हैं और कभी भी हादसा हो सकता है।
दिल्ली-बठिंडा रेलवे लाइन पर भिवानी रोड फाटक के पास अंडरपास का निर्माण का कार्य दिसंबर में शुरू हुआ था। इस पर लगभग 8.44 करोड़ रुपये खर्च होंगे। तीन मीटर ऊंचाई का यह अंडरपास 30 फुट चौड़ा है। इस कारण भिवानी रोड पर जो दुकानें व मकान बने हैं, उनमें बड़ी-बड़ी दरार आ गई है। यहां 30 मकान ऐसे हैं जिनके कभी भी गिरने की आशंका जताई जा रही है। कुछ मकान तो अपनी जगह छोड़कर साथ लगते मकानों से चिपक गए हैं। लोगाें के आवागमन का रास्ता ही नहीं बचा है। अगर यहां पर सिंगल रास्ते का अंडरपास बनाया जाता तो ज्यादा दिक्कत नहीं होती। डबल लाइन का अंडरपास बनने के कारण यहां चौड़ाई बहुत कम रह गई जिससे समस्याएं पैदा हो रही हैं।
अंडरपास के लिए ठेकेदार ने लगभग 14 फुट गहराई तक मिट्टी उठाई है। मिट्टी उठाते समय ठेकेदार ने ऐसा कोई इंतजाम नहीं किया जिससे साथ लगती मिट्टी नहीं गिरे। साथ लगती मिट्टी गिरने से मकान अपनी जगह छोड़ गए हैं, जो कभी भी गिर सकते हैं। यहां कई शोरूम और दुकानें बनी हुई हैं। यह सभी कभी भी जमींदोज हो सकते हैं। कुछ मकानों को तो लोगों ने खाली छोड़ दिया है और दूसरे स्थानों पर रहने लग गए हैं।
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निर्माणाधीन अंडरपास के कारण कई मकानों में दरार आ चुकी है। कुछ मकान तो एक तरफ झुक गए हैं। इसके कारण यहां पर कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। बिना किसी सुरक्षा योजना के यहां अंडरपास बनवाया जा रहा है। उन्होंने कई महीनों तक इस अंडरपास का विरोध भी किया था, लेकिन राजनीति के कारण उनकी कोई बात नहीं सुनी गई।-सूबे सिंह, स्थानीय निवासी।
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निर्माणाधीन अंडरपास के कारण उनका घरों में रहना मुश्किल हो गया है। अंडरपास के कारण मकानों में दरार आ गई है। दो दिन पहले तो अंडरपास के अंदर मिट्टी खिसक गई थी। इसके कारण सीवर की लाइन भी टूट गई। अंडरपास निर्माण के कारण भिवानी रोड से लगभग 50 दुकानदार यहां से पलायन कर चुके हैं।-सुरेश कुमार, भिवानी रोड निवासी
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निर्माणधीन अंडरपास के कारण उनके मकान में दरार आई हुई है। पिछले 15 दिनों से उनकी दुकान भी बंद है। उन्हें काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। उनके मकान के बाहर निर्माणाधीन अंडरपास की मिट्टी खिसक गई, जिसके कारण हादसा होने का भय हर वक्त लगा रहता है।-जयभगवान, भिवानी रोड
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निर्माणाधीन अंडरपास के कारण उनके मकान के बाहर दरार आ गई है। उन्होंने मकान में दो दुकानें बनाई हुई थी। अंडरपास निर्माण होने के चलते दोनों दुकानदार खाली करके चले गए हैं। अब पिछले आठ माह से दोनों दुकानें खाली हैं। यहां पर रहना खतरे से खाली नहीं है।-बिमला, स्थानीय निवासी
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मामला अभी संज्ञान में आया है। ठेकेदार को बोलकर मिट्टी नहीं खिसके, इसका इंतजाम करवाया जाएगा। यदि ठेकेदार की लापरवाही भी सामने आई तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। लोगों को परेशान नहीं होने दिया जाएगा।-मोहम्मद इमराज रजा, डीसी