27जेएनडी09: गांगोली गांव में ग्रामीणों को जल संरक्षण व दुरुपयोग पर रोक के लिए जागरूक करते हुए
जींद। जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग ने गांव गांगोली में पेयजल के दुरुपयोग और अवैध जल कनेक्शनों के खिलाफ अभियान तेज कर दिया गया है। टीम ने अब तक 450 घरों का सर्वे कर 30 ऐसे उपभोक्ताओं को नोटिस जारी किए हैं, जिनके यहां पेयजल का दुरुपयोग, अवैध या अस्वच्छ कनेक्शन अथवा बिना टोटी के नल पाए गए।
जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग सफीदों के उपमंडल अभियंता राकेश शर्मा ने गांगोली में चल रहे जल संरक्षण अभियान की समीक्षा करते हुए कहा कि अभियान के तहत घर-घर जाकर पेयजल आपूर्ति और कनेक्शनों की जांच की जा रही है। उन्होंने बताया कि खंड समन्वयक सुरेंद्र दुग्गल के नेतृत्व और सरपंच महेंद्र सिंह मलिक की देखरेख में संयुक्त टीम उपभोक्ताओं को जल संरक्षण के प्रति जागरूक भी कर रही है।
राकेश शर्मा ने कहा कि जिन उपभोक्ताओं के यहां अवैध, अस्वच्छ या बिना टोंटी के कनेक्शन हैं, उन्हें नोटिस जारी किए गए हैं। यदि तय समय सीमा के भीतर संबंधित उपभोक्ता अपने कनेक्शन दुरुस्त नहीं करते हैं तो विभाग नियमानुसार कार्रवाई करेगा। उन्होंने लोगों से पेयजल का केवल आवश्यकतानुसार उपयोग करने और पानी की बर्बादी रोकने की अपील की।
खंड समन्वयक सुरेंद्र दुग्गल ने बताया कि अभियान के दौरान 450 घरों का सर्वे किया गया। इसमें 30 उपभोक्ताओं के खिलाफ नोटिस जारी किए गए हैं। साथ ही लोगों को नलों पर टोटी लगाने, उपयोग के बाद नल बंद रखने तथा लीकेज और अस्वच्छ कनेक्शन तुरंत ठीक कराने के लिए प्रेरित किया जा रहा है।
ग्राम पंचायत के सरपंच महेंद्र सिंह मलिक ने कहा कि पंचायत विभाग के अभियान में पूरा सहयोग कर रही है। ग्रामीणों को जल संरक्षण का महत्व समझाया जा रहा है ताकि पानी की बर्बादी रोकी जा सके। जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग के जिला सलाहकार रणधीर मताना ने कहा कि जल संरक्षण अभियान की सफलता के लिए ग्रामीणों और ग्राम पंचायतों की सक्रिय भागीदारी जरूरी है।