जींद। भारत की कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) की जिला कमेटी ने सफाई कर्मचारियों और फायर ब्रिगेड कर्मचारियों की हड़ताल के दौरान सरकार द्वारा की जा रही कार्रवाई की कड़ी निंदा की है। माकपा जिला सचिव कॉमरेड कपूर सिंह ने सरकार से कर्मचारियों की मांगों का बातचीत के माध्यम से समाधान करने की मांग की। उन्होंने कहा कि सफाई कर्मचारी दिन-रात शहरों को स्वच्छ रखने, सीवर में उतरकर लोगों की जान बचाने तथा फायर ब्रिगेड कर्मचारी आगजनी जैसी आपात परिस्थितियों में अपनी जान जोखिम में डालकर नागरिकों की सुरक्षा का कार्य करते हैं। ऐसे कर्मचारियों को उनके जायज अधिकार देने के बजाय दमनात्मक कार्रवाई करना उचित नहीं है। उन्होंने कहा कि कर्मचारियों का आंदोलन सरकार की वादाखिलाफी का परिणाम है। 13 मई 2026 को सरकार और दोनों कर्मचारी यूनियनों के बीच हुई बातचीत में कई मांगों पर सहमति बनी थी और उन्हें लागू करने का आश्वासन दिया गया था। सरकार ने 30 जून तक मांगों को लागू करने की बात कही थी, लेकिन समय सीमा बीतने के बाद भी ठोस आदेश जारी नहीं किए गए। उन्होंने कहा कि दमन से कर्मचारियों की आवाज नहीं दबाई जा सकती। उन्होंने प्रदेश के मजदूरों, कर्मचारियों, ट्रेड यूनियनों और जनवादी संगठनों से सफाई एवं फायर ब्रिगेड कर्मचारियों के संघर्ष के समर्थन में खड़े होने की अपील की। संवाद