जुलाना के मेन बाजार में रोष प्रर्दशन करते माकपा के कार्यकर्ता।
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वामपंथी पार्टियों के आह्वान पर जुलाना में माकपा कार्यकर्ताओं ने पेट्रोलियम पदार्थों की लगातार हो रही मूल्य वृद्धि के विरोध में प्रदर्शन किया। इस दौरान बाजार एवं मंडी में नुक्कड़ सभाएं कीं।
माकपा जिला सचिव रमेश चंद्र ने कहा कि सरकार लगातार महंगाई बढ़ा रही है। जनता का रोजगार छीन रही है। लॉकडाउन की आड़ लेकर मंदी का बहाना बनाकर पेट्रोल व डीजल की कीमतों में लगातार वृद्धि कर रही है। देश में 70 साल बाद पहली डीजल और पेट्रोल के दाम बराबर हो गए हैं। कोरोना वायरस के चलते केंद्र सरकार द्वारा बिना सोचे-विचारे किए गए लॉकडाउन के कारण करोड़ों लोगों का रोजगार छिन गया जिस कारण लोग भूख से मर रहे हैं। लाखों लोग आज भी बेघर हैं लेकिन सरकार जनता को राहत देने की बजाय आए दिन जनता पर नए-नए टैक्स थोप रही है। जब अंतरराष्ट्रीय मार्केट में कच्चे तेल के दाम लगातार घट रहे थे तो उस समय भाजपा सरकार ने देश में डीजल व पेट्रोल के रेट घटाने की बजाए उन पर एक्साइज ड्यूटी बढ़ा दिया। इस दौरान उन्होंने मांग की कि पेट्रोलियम पदार्थों की बढ़ती कीमतों को वापस लिया जाए। महंगी हो रही खाद्य पदार्थों की कीमतों पर रोक लगाई जाए, 12 घंटे के काम करने के फ रमान को वापस लिया जाए, सभी जरूरतमंद परिवारों को 10 किलोग्राम प्रति व्यक्ति अनाज सहित जरूरत की सभी वस्तुएं खरीदी जाए, टैक्स के दायरे से बाहर के सभी गरीब परिवारों को 7500 रुपये प्रति परिवार छह महीने तक दिए जाए। इस मौके पर कामरेड कश्मीर सिंह, सुरेंद्र सिंह, जगबीर, दशरथ, अजय सहित पार्टी के सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने भाग लिया।