जींद। सोमवार को राहत के बाद मंगलवार को फिर से जिले में कोरोना संक्रमितों की मौत का आंकड़ा बढ़ा है। मंगलवार को आठ संक्रमितों की मौत हो गई जबकि 186 नए संक्रमण के मामले सामने आए हैं। सोमवार को जिले में चार लोगों की मौत हुई थी तथा 179 लोग संक्रमित हुए थे। वहीं मंगलवार को मौत तथा संक्रमितों का आंकड़ा बढ़ा है। सोमवार को 394 लोग ठीक हुए थे जबकि मंगलवार को ठीक होने वालों की संख्या केवल 178 रही है। एक्टिव केसों में भी बढ़ोतरी दर्ज हुई है।
मंगलवार को मोहल खेड़ा निवासी 60 वर्षीय महिला, नगूरां निवासी 61 वर्षीय महिला, उचाना निवासी 75 वर्षीय व्यक्ति, गांधी नगर जींद निवासी 79 वर्षीय बुजुर्ग, सिंघवाल निवासी 55 वर्षीय व्यक्ति, दरोली खेड़ा निवासी 55 वर्षीय महिला, हाउसिंग बोर्ड निवासी 70 वर्षीय बुजुर्ग, उचाना खुर्द निवासी 46 वर्षीय व्यक्ति की मौत हुई है। जिले में अब तक 19315 लोग संक्रमित हो चुके हैं। इनमें से 16813 लोग ठीक हो चुके हैं जबकि 418 लोगों की मौत हो चुकी है। जिले में इस समय 2084 एक्टिव मामले हैं। जिले में इस समय संक्रमण की दर 18.65 प्रतिशत है जबकि रिकवरी का प्रतिशत 87 प्रतिशत पहुंच चुका है। जिले में इस समय मौत का प्रतिशत 2.16 है। मंगलवार को स्वास्थ्य विभाग ने 838 लोगों के सैंपल लिए हैं। स्वास्थ्य विभाग को फिलहाल 1019 लोगों की रिपोर्ट मिलनी बाकी है। अब तक स्वास्थ्य विभाग जिले में 2,37,598 लोगों के सैंपल ले चुका है। विभिन्न अस्पतालों में इस समय 300 लोग दाखिल हैं, बाकी लोग अपने घरों में ही क्वारंटीन हैं।
लोगों को इलाज में नहीं आने दी जाएगी कोई परेशानी
जिले में कोरोना संक्रमितों के इलाज में कोई कमी नहीं आने दी जाएगी। नागरिक अस्पताल के अलावा शहर में राजकीय कॉलेज में भी आइसोलेशन वार्ड बनाया गया है। यहां पर सभी बेडों पर ऑक्सीजन की व्यवस्था की गई है। गंभीर मरीजों को नागरिक अस्पताल में दाखिल किया जाता है जबकि जिन मरीजों की हालत कुछ ठीक है, उन्हें राजकीय कॉलेज के आइसोलेशन वार्ड में दाखिल किया जा रहा है। जिले में फिलहाल न तो बेड की कमी है और न ही ऑक्सीजन की। कोरोना संक्रमितों के लिए दवाएं भी अस्पताल प्रशासन के पास पूरी हैं।
जिले में धीरे-धीरे स्थिति बेहतर हो रही है। पहले जहां मरीजों को दाखिल करने में परेशानी आ रही थी, अब ऐसी कोई परेशानी नहीं है। जिस मरीज की स्थिति गंभीर है, उसे अस्पताल में दाखिल किया जा रहा है। धीरे-धीरे लोगों की ऑक्सीजन की निर्भरता कम हो रही है। इससे भी स्थिति में काफी सुधार हुआ है। जो मरीज ठीक हो रहे हैं, उन्हें छुट्टी दी जा रही है। फिलहाल लॉकडाउन का लगातार पालन करने की जरूरत है।
-डॉ. मनजीत सिंह, सिविल सर्जन।