जींद। खाड़ी देशों के बीच चल रहे युद्ध के कारण घरेलू गैस की मारामारी हो गई है। अब लोगों का इंडक्शन चूल्हों की तरफ रुझान हो गया है। दो दिनों में लोगों ने ऑनलाइन कंपनियों के माध्यम से करी 1500 इंडक्शन चूल्हों के ऑर्डर किए हैं।
बाजारों में इंडक्शन चूल्हों की दुकानों पर भी मांग बढ़ने लगी है। दुकानों पर इंडक्शन चूल्हों की कीमत 1700 से चार हजार रुपये तक है। वहीं जिले की 24 गैस एजेंसियों के कई गोदामों पर गैस सिलिंडर का स्टॉक खत्म हो चुका है। शुक्रवार को भी सभी एजेंसिंयों पर गैस सिलिंडर लेने के लिए लोगों की भीड़ जमा रही।
बताया जाता है कि वीरवार शाम को ही सर्वर डाउन हो गया था। इसके बाद शुक्रवार सर्वर चला लेकिन कुछ ही देर बाद फिर डाउन हो गया। इसके कारण उपभोक्ताओं के मोबाइल नंबर पर ओटीपी नहीं आ रहे थे। इसके लिए सिलिंडर की बुकिंग नहीं हो रही थी वहीं जिन उपभोक्ताओं के ओटीपी आ रहे थे उनके सिलिंडर बुक करने में भी 25 से 35 मिनट लग रहे थे।
शहर की नीलम गैस एजेंसी पर शुक्रवार को 342 गैस सिलिंडरों का स्टॉक आया जो कि 12 बजे तक ही खत्म हो गया। वहीं जय दुर्गे गैस एजेंसी पर मात्र 391 गैस सिलिंडर हैं। ऑनलाइन हेल्पलाइन नंबरों पर भी उपभोक्ताओं को कोई संतोषजनक जानकारी नहीं मिल पा रही है। वे बार-बार कॉल कर रहे हैं लेकिन या तो फोन व्यस्त मिल रहा है या फिर कोई स्पष्ट जवाब नहीं दिया जा रहा। इस कारण गैस सिलिंडर की बुकिंग नहीं हो पा रही और घरेलू रसोई पर भी इसका असर पड़ रहा है।
वहीं लघु सचिवालय स्थित सरकारी कैंटीन में शुक्रवार को गैस सिलिंडर खत्म हो गए हैं। इसके कारण भट्ठी पर लकड़ी जलाकर दाल-चावल तैयार किए गए लेकिन व्यवस्था नहीं होने के कारण चपाती नहीं बनाई गई। हालांकि सरकारी कैंटीन में रोजाना चावल, सब्जी के साथ चपाती भी तैयार की जाती है लेकिन शुक्रवार को सरकारी थाली से चपाती गायब थी। इस पर लोगों ने सवाल भी पूछा लेकिन समूह की महिलाओं ने गैस सिलिंडर खत्म होने का हवाला दिया। इससे लोगों ने दाल-चावल खाकर ही पेट भरना पड़ा। बॉक्स
कई दिनों से गैस सिलिंडर नहीं मिल रहा है। इसके कारण होटल बंद होने के कगार पर हैं। सिलिडरों की कमी से होटल पर बने रहे व्यजंनों की संख्या घटानी पड़ रही है।-सुशील, ढाबा संचालक
पास-पड़ोस से सिलिडंर लेकर काम चलाया जा रहा है। जिन व्यंजनों में ज्यादा तेल का प्रयोग होता है, उनको तैयार करना बंद कर दिया है। अभी केवल एक ही सिलिंडर बचा है।-प्रद्युमन, ढाबा संचालक
गुरु तेग बहादुर गुरुद्वारा में 20 गैस सिलिंडर है। रोजाना अटूट लंगर बनाने में दो सिलिंडर खत्म हो जाते हैं। इसको लेकर गुरुद्वारा प्रबंधन कमेटी ने गैस एजेंसी को सिलिंडर उपलब्ध करवाने के लिए कहा है। -गुरविंदर सिंह, मैनेजर, गुरु तेग बहादुर सिंह गुरुद्वारा, जींद
जिले में फिलहाल गैस सिलिंडर की कमी नहीं है। लोग अफवाह के चलते सिलिंडरों का स्टॉक न करें। यदि कोई कालाबाजारी करता है तो उसकी सूचना प्रशासन को दें।-राजेश आर्य, डीएफएसी, जींद