जींद। फास्ट ट्रैक स्पेशल कोर्ट (पॉक्सो) ने नाबालिग लड़की को घर से उठाकर ले जाने और यौन शोषण करने के दोषी को 10 साल की सजा सुनाई है। साथ ही दोषी पर 60 हजार रुपये जुर्माना लगाया है। अदालत में यह मामला साल 2025 से विचाराधीन था।
अदालत में चले अभियोग के अनुसार, जुलाना थाना क्षेत्र के एक गांव निवासी व्यक्ति ने एफआईआर में बताया था कि वह घर के नजदीक ही तालाब पर चौकीदार का काम करते हैं। वह तालाब के पास बने कमरे में ही रहते हैं और ठेकेदारों की मछलियों की रखवाली करते हैं।
22 अप्रैल 2025 शाम को घर पर खाना खाने के बाद वे कमरे पर चले गए थे। उनकी तबीयत कई दिनों से ठीक नहीं थी और उस दिन शाम को दवा लेना भूल गए थे। फिर रात को दस बजे पत्नी दवा लेकर कमरे पर आई थी। घर पर उनकी 17 वर्षीय बेटी अकेली थी।
छोटा बेटा विवाह-शादियों में टेंट लगवाने के लिए गया हुआ था। उनकी पत्नी घर गई तो बेटी घर पर नहीं थी। फिर बेटी को ढूंढा तो उनकी बेटी तालाब के पास बेहोशी की हालत में पड़ी मिली।
बेटी ने होश आने पर बताया कि मां के जाने के बाद उसे बाहर का दरवाजा खुलने की आवाज आई थी। फिर उसने सोचा कि उसका भाई आ गया है। उसने देखा तो गांव का ही युवक प्रिंस खड़ा था। उसने उसका मुंह दबा दिया। इसके बाद उसे नशा होने लगा।
फिर वह उसे उठाकर तालाब पर ले गया और वहां उसने उसके साथ यौन शोषण किया। घटना के बारे में किसी को बताने पर जान से मारने की धमकी देकर भाग गया। जुलाना थाना पुलिस ने आरोपी के खिलाफ पॉक्सो एक्ट के तहत एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी थी।