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अब कालोनियों के अंदर खुल रहे ठेके, विरोध में जनता लामबंद

Tue, 04 Apr 2017 12:16 AM IST
ब्यूरो/ अमर उजाला, जींद
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राजनगर में शराब ठेके के विरोध में गोहाना रोड पर प्रदर्शन करते हुए जिला पार्षद व कालोनी के लोग। - फोटो : jind
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नेशनल हाईवे से शराब के ठेके 500 मीटर दूरी पर खोलने की पॉलिसी शहर व ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों के लिए मुसीबत बन गई है। हाईवे से दूर शराब ठेके खोलने के नियम के बाद शराब ठेकेदार अब कालोनियों के बीच में ठेके खोल रहे हैं। शहर व ग्रामीण क्षेत्रों के लोग इनके खिलाफ लामबंद हो गए हैं। सोमवार को शहर की कालोनियों के अलावा ग्रामीण क्षेत्र से लगभग एक दर्जन पंचायतें डीसी कार्यालय पहुंची और कालोनियों में शराब ठेकों का डटकर विरोध किया।
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इसके अलावा 16 जिला पार्षदों ने जिला परिषद उपाध्यक्ष उमेद रेढू के नेतृत्व में डीआरडीए से लेकर डीसी कार्यालय तक प्रदर्शन किया। पार्षदों ने आरोप लगाया कि जिला प्रशासन शराब माफियाओं से मिलीभगत कर जिले का माहौल खराब कर रहा है। अगर कालोनी व गांव के बीच में शराब के ठेके खुलेंगे तो लड़ाई-झगड़े के मामले बढ़ जाएंगे। शहर की कालोनी से आईं महिलाओं ने कहा कि वे किसी भी सूरत में कालोनी के बीच में शराब का ठेका नहीं खुलने देंगी। शहर की कालोनियों में जहां पर शराब के ठेके खुलने हैं, वपर लोगों ने दिन-रात पहरा देना शुरू कर दिया है।

15 पार्षदों के साथ पहुंचे लघु सचिवालय
शहर के अपोलो रोड पर राजनगर की मुख्य गली के अंदर शराब ठेका विरोध में लोगों ने जिला परिषद के 15 पार्षदों को साथ लेकर जिला परिषद के वाइस चेयरमैन उमेद सिंह के नेतृत्व में विरोध प्रदर्शन करते हुए लघु सचिवालय पहुंचे। जिला पार्षदों ने ठेका बंद करने की मांग, डीसी के खिलाफ नारेबाजी अपोलो रोड पर खुले शराब ठेके को बंद करवाने की मांग की। जिला परिषद पार्षदों ने आरोप लगाया कि इसके बारे में डीसी विनय सिंह को जिला पार्षद दिनेश कुमार डाहौला ने शिकायत करनी चाही तो उनके साथ दुर्व्यवहार किया। जिला पार्षद दिनेश डाहौला ने रविवार को डीसी से अपोलो रोड पर मेन रास्ते पर खोले गए शराब ठेके को बंद करवाने की मांग की थी। इससे कालोनी के लोगों व जिला पार्षदों में रोष है।
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न्यू कृष्णा कालोनी के निवासी पहुंचे डीसी ऑफिस
पटियाला चौक स्थित न्यू कृष्णा कालोनी के माध्यम में बनाए जा रहे शराब के ठेके विरोध में नगर पार्षद सीमा के नेतृत्व में डीसी कार्यालय पहुंची। महिला ने कहा कि अगर कालोनी की गली में शराब का ठेका खुल गया तो लोगों को घर से निकलना मुश्किल हो जाएगा। जहां पर शराब का ठेका खोला जा रहा है, वहां साईं मंदिर है। उसी गली से ईश्वर नगर, पटेल नगर, संत नगर, श्याम नगर, सावित्री नगर की महिलाएं और बच्चे निकलते हैं। इसलिए यहां शराब के ठेके नहीं खुलने दिए जाएंगे।

अर्बन एस्टेट में ठेका खोलने का विरोध
इंडस स्कूल मार्केट के पास शराब का ठेका खोलने को लेकर सोमवार को कालोनी के लोग लामबंद हो गए। कालोनी के लोगों ने शराब ठेका खोलने वाली जगह पर जमकर हंगामा किया। कालोनी के लोगों का कहना है कि यहां पर किसी भी सूरत में शराब का ठेका नहीं खुलने देंगे। बाद में कालोनी के लोग अधिकारियों से मिलने पहुंचे और ठेके को दूसरे स्थान पर बदलने की मांग की। 

हाउसिंग बोर्ड कालोनी में दिन-रात पहरा
शहर की हाउसिंग बोर्ड की बंद मार्केट में ठेकेदारों ने शराब ठेका खोलने का प्रयास किया था और ठेका खोलने के लिए दुकान पर पेंट भी करवा दिया था। लेकिन कालोनी के लोगों ने उसका विरोध किया। इसके बाद युवा दिन-रात पहरा दे रहे हैं। उनका कहना है कि वे किसी भी सूरत में ठेके को यहां नहीं खुलने देंगे। अगर यहां ठेका खुला तो माहौल खराब हो जाएगा।

ग्रामीण क्षेत्रों की पंचायत भी पहुंचे मिलने
नेशनल हाईवे के साथ लगते गांवों में भी अंदर शराब ठेका खोलने के विरोध में राजपुरा भैण, श्रीरागखेड़ा, भौंसला की पंचायत ने एसडीएम सतबीर सिंह कुंडू को ज्ञापन सौंपा। गांव भौंसला की सरपंच कविता देवी ने बताया कि उनकी पंचायत ने 27 सितंबर 2016 को ग्राम सभा बुलाकर सर्वसम्मति से गांव में शराब का ठेका नहीं खुलने का प्रस्ताव पारित किया था। इसके बारे में संबंधित विभाग को भी अवगत करा दिया था। इसके बाद पंचकूला में आबकारी एवं कराधान आयुक्त ने पंचकूला बुलाया था और पंचायत ने वहां भी गांव में ठेका नहीं खोलने की मांग की थी। इसके बावजूद गांव में शराब का ठेका खोला गया है।

उधर, श्रीरागखेड़ा के लोग सरपंच विजेंद्र कुमार, ग्रामीण जीत, विक्रम, मुंशीराम, सुल्तान सिंह के नेतृत्व में लघु सचिवालय पहुंचे। जहां पर बताया कि उनके गांव में पहले शराब का ठेका नहीं था, लेकिन इस बार खोल दिया है। ठेके को कंडेला व श्रीरागखेड़ा के रास्ते पर खोला गया है। जहां विद्यार्थियों और महिलाओं का आना-जाना रहता है। उधर, गांव राजपुरा भैण निवासी भलेराम, होशियार, रामफल ने बताया कि उनके गांव की मुख्य गली के ऊपर शराब का ठेका खोल दिया है। इससे गांव का माहौल खराब होने का डर बना हुआ है। इसलिए तुरंत ठेके को बंद कराया जाए। 

38 गांवों में ठेके नहीं खोलने का प्रस्ताव देने पर भी खुले ठेके
जिले के 38 गांवों ने छह माह पहले ही ग्राम पंचायत में प्रस्ताव पारित करके आबकारी विभाग के माध्यम से सरकार को ज्ञापन भेजकर ठेका नहीं खोलने की मांग की थी। ग्राम पंचायतों द्वारा प्रस्ताव पारित करने के बावजूद इन गांवों में आबकारी विभाग ने ठेके अलॉट किए हैं। 
 
शराब ठेका खोले जाने को लेकर जहां समस्या है, उसका जल्द समाधान करेंगे। इसके लिए डीईटीसी को निर्देश दिए गए हैं। सुप्रीम कोर्ट की गाइड लाइन के कारण शराब ठेके खोले जाने को लेकर समस्या पैदा हुई है। सुप्रीम कोर्ट की गाइड लाइन का पालन कर उचित स्थान का चयन किया जाएगा। उन्होंने किसी जिला पार्षद के साथ दुर्व्यवहार नहीं किया। रविवार को वह सफाई अभियान में लगे हुए थे। इस दौरान उनसे सिर्फ यह कहा गया था कि वे जो भी समस्या उसे लिखित में ऑफिस में आकर दें।
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- विनय सिंह, डीसी जींद
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