अखिल भारतीय जाट आरक्षण संघर्ष समिति द्वारा ईक्कस गांव में 19वें दिन भी धरना जारी रहा। धरने की जाजवान गांव निवासी बेदी देवी जांगड़ा, सरोज जांगड़ा जाजवान व जुलानी गांव नरिवासी फूली देवी शर्मा जुलानी ने की। इस दौरान महिलाओं की संख्या भी काफी रही। अब शुक्रवार को जसिया धरने पर होने वाली जाट नेताओं की मीटिंग पर लोगों की नजरें हैं। इस मीटिंग में ही आगे के आंदोलन की रणनीति बनेगी।
धरने पर पहुंचने वाली महिलाएं यहां चल रहे भंडारे के लिए आटा, दूध व सब्जियां भी लेकर आईं। समिति के जिला प्रधान वीरभान ढुल ने कहा कि यह धरना जाट समाज का नहीं, बल्कि 36 बिरादरी का है। जो भी भाई इस धरने में समर्थन देना चाहता है, उसका हम खुले दिल से स्वागत करेंगे। उन्होंने कहा कि यदि कोई भी जाट समाज का व्यक्ति आंदोलन का विरोध करेगा तो यह जाति के साथ गद्दारी होगी।
सीएम के ओएसडी पर निशाना
जाट नेता ईश्वर सिंह कंडेला व जयनारायण जिलेदार ने मुख्यमंत्री के ओएसडी कैप्टन भूपेंद्र सिंह के गांव-गांव जाकर लोगों को धरने में नहीं जाने की बात पर कड़ा रुख अपनाया। जाट नेताओं ने कहा कि ओएसडी के इस रवैये का समाज पुरजोर विरोध करता है।
इनेलो सुप्रीमो ओमप्रकाश चौटाला आज जींद में
जाट आरक्षण आंदोलन के बीच इनेलो सुप्रीमो ओमप्रकाश चौटाला शुक्रवार को जींद पहुंचेंगे। कयास लगाए जा रहे हैं कि इस दौरान वे धरना स्थल के पास भी पहुंच सकते हैं। हालांकि, इनेलो ने आधिकारिक रूप से इसकी पुष्टि नहीं की है। वहीं, इनेलो नेताओं के मुताबिक, ओमप्रकाश चौटाला शुक्रवार को जींद में ही रात्रि ठहराव करेंगे।
शहीद की याद में रखा मौन
शहीद मेजर सतीश दहिया के निधन पर धरने पर दो मिनट का मौन रखकर भारत माता के इस वीर सपूत की आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की तथा उनकी अमरता के नारे लगाए।
जिला परिषद की पूर्व चेयरमैन ने दिया समर्थन
जिला परिषद की पूर्व चेयरमैन सीमा बिरोली ने धरने पर पहुंचकर समर्थन दिया। उन्होंने कहा कि उनका समाज भी जाट समाज के साथ हर आंदोलन में पूरा सहयोग देगा।