14जेएनडी04: मनरेगा मजदूर कुरूक्षेत्र में सीएम आवास के घेराव के लिए जाते हुए। स्रोत : मजदूर
जींद। भाजपा सरकार पर निर्माण और मनरेगा मजदूरों के हकों पर हमला करने का आरोप लगाते हुए जिले से निर्माण मजदूर मुख्यमंत्री आवास के घेराव के लिए कुरुक्षेत्र रवाना हुए। मजदूरों ने सरकार की मजदूर विरोधी नीतियों, बंद पड़े सरकारी पोर्टलों, ठप मनरेगा, बढ़ती महंगाई, बेरोजगारी और खुले भ्रष्टाचार के खिलाफ प्रदर्शन किया।
भवन निर्माण कामगार यूनियन हरियाणा के जिला अध्यक्ष जोगेंद्र इगराह, सचिव संदीप जाजवान और कोषाध्यक्ष राजेश कुमार ने बताया कि निर्माण मजदूरों की रोजी-रोटी पर सीधा हमला किया जा रहा है। निर्माण मजदूर कल्याण बोर्ड से संबंधित पोर्टल पिछले पांच महीनों से बंद पड़ा है। भ्रष्टाचार के नाम पर पोर्टल बंद कर दिया गया जबकि असली दोषी खुलेआम घूम रहे हैं और इसका खामियाजा मजदूरों को भुगतना पड़ रहा है।
मजदूर न तो नया पंजीकरण करा पा रहे हैं और न ही नवीनीकरण। वहीं पहले से किए गए आवेदनों के लाभ भी अटके हुए हैं। मनरेगा को ग्रामीण मजदूरों की जीवनरेखा बताते हुए नेताओं ने कहा कि सरकार जानबूझकर इसे कमजोर कर रही है। गांवों में काम नहीं खोले जा रहे, मजदूरों को पूरे 100 दिन का रोजगार नहीं मिल रहा और समय पर मजदूरी का भुगतान भी नहीं हो रहा।
कई मजदूरों के पास जॉब कार्ड होने के बावजूद उन्हें काम से वंचित रखा जा रहा है, जो कानून का सीधा उल्लंघन है। उन्होंने कहा कि पिछले दस वर्षों से न्यूनतम वेतन में कोई बढ़ोतरी नहीं हुई जबकि महंगाई लगातार बढ़ रही है। मजदूरों की मांग है कि बोर्ड की साइट खोली जाए, रुके लाभों का भुगतान किया जाए, मनरेगा में 200 दिन काम व 800 रुपये दैनिक मजदूरी दी जाए, बाढ़ प्रभावित परिवारों को सहायता मिले, न्यूनतम वेतन 26 हजार मासिक किया जाए, लेबर कोड रद्द हों और भ्रष्टाचारियों पर कार्रवाई की जाए।