सफीदों। करीब 10 साल से बदहाली का दंश झेल रहे शहर के सबसे व्यस्त महात्मा गांधी रोड के अब अच्छे दिन आने की उम्मीद जगी है। नगर पालिका ने करीब दो करोड़ 50 लाख रुपये की लागत से सड़क का निर्माण कार्य शुरू करवा दिया है। सड़क पर बने गहरे गड्ढों और उबड़-खाबड़ सतह से परेशान वाहन चालकों, दुकानदारों और राहगीरों को राहत मिलने की उम्मीद है।
महात्मा गांधी रोड जगह-जगह टूटकर खस्ताहाल हो चुका था। सड़क पर बने गहरे गड्ढों के कारण वाहन चालकों को रोजाना परेशानी झेलनी पड़ रही थी। बारिश के दिनों में हालात और बिगड़ जाते थे, क्योंकि पानी भरने से गड्ढे दिखाई नहीं देते थे।
ई-रिक्शा, दोपहिया वाहन व पैदल राहगीरों के लिए दुर्घटना का खतरा बना रहता था। कई बार वाहन असंतुलित होकर लोग चोटिल भी हो चुके हैं। शहर के प्रमुख मार्गों से जुड़े होने के कारण इस सड़क पर दिनभर भारी आवाजाही रहती है।
अतिक्रमण भी बना रहा जाम की वजह, हटाने का काम शुरू
सड़क की बदहाली के साथ-साथ यहां अतिक्रमण भी बड़ी समस्या बना हुआ था। कई जगह दुकानों के बाहर सामान, जेनरेटर, वाहन और अन्य सामग्री रखे जाने से सड़क की उपयोगी चौड़ाई कम हो गई थी जिससे व्यस्त समय में जाम लगना आम बात थी। अब निर्माण कार्य के साथ ही नगर पालिका ने सड़क किनारे किए गए अतिक्रमण को हटाने की कार्रवाई भी शुरू कर दी है।
दूसरी तरफ बनेगा नाला, जलभराव से मिलेगी राहत
नगर पालिका की ओर से सड़क निर्माण के साथ जल निकासी की व्यवस्था को भी मजबूत किया जाएगा। सड़क की एक तरफ पहले से नाला बना हुआ है जबकि दूसरी तरफ नाला नहीं होने के कारण बारिश और गंदे पानी की निकासी की समस्या रहती थी। अब दूसरी तरफ भी नाले का निर्माण कराया जाएगा। सड़क को सीसी तकनीक से तैयार करने के साथ दोनों तरफ ब्लॉक लगाए जाएंगे। इससे सड़क मजबूत होने के साथ पैदल आवागमन के लिए भी बेहतर सुविधा मिलेगी।
अप्रैल से फाइलों में अटका था टेंडर, अब जाकर मिली हरी झंडी
महात्मा गांधी रोड के निर्माण की प्रक्रिया पहले ही शुरू कर दी गई थी लेकिन अप्रैल 2026 से टेंडर की फाइल उच्चाधिकारियों के स्तर पर अटकी रहने के कारण काम शुरू नहीं हो पाया था। अब जाकर फाइल को हरी झंडी मिलते ही काम पर मुहर लग गई।
छह माह में पूरा होगा काम
नगर पालिका के एमई सुरेश लोहान ने बताया कि 2.50 करोड़ रुपये की लागत से महात्मा गांधी रोड का निर्माण कराया जा रहा है। सड़क सीसी से बनाई जाएगी और दोनों तरफ ब्लॉक लगाए जाएंगे। जिस तरफ नाला नहीं है, वहां गंदे पानी की निकासी के लिए नया नाला बनाया जाएगा। निर्माण कार्य को करीब छह माह में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।