जींद। बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि के कारण रबी की फसलों को हुए नुकसान की जानकारी देने के लिए मेरी फसल मेरा ब्योरा पोर्टल सोमवार को खोल दिया गया। अब किसान इस पोर्टल पर अपनी फसल के हुए नुकसान का ब्योरा दर्ज करवा सकते हैं। इसके बाद जिला राजस्व विभाग की ओर से गिरदावरी की जाएगी और किसानों को मुआवजा वितरित किया जाएगा।
सीएससी (अटल सेवा केंद्र) से या अपने स्मार्ट मोबाइल फोन से भी किसान यह प्रक्रिया पूरी कर सकते हैं। फसल खराबे की रिपोर्ट भेजने के लिए किसान अपने एंड्रायड मोबाइल फोन से भी फसल खराबे की रिपोर्ट मेरी फसल मेरा ब्योरा पोर्टल पर अपलोड कर सकता है। जिसके पास एंड्रायड मोबाइल फोन नहीं है, उसको सीएससी का सहारा लेना पड़ेगा। पोर्टल पर रिपोर्ट अपलोड करने के लिए किसान अपना मोबाइल नंबर का भी इस्तेमाल कर सकते हैं, जो फसल पंजीकरण के समय अपलोड करवाया था इसके अलावा परिवार पहचान पत्र के आईडी नंबर से या फिर फसल रजिस्ट्रेशन के समय जो आईडी नंबर मिला था, उससे भी फसल खराबे की रिपोर्ट अपलोड की जा सकती है। हालांकि यह प्रक्रिया किसानों को जल्द करनी होगी, क्योंकि इसके बाद जिला राजस्व विभाग की तरफ से बर्बाद हुई फसलों की गिरदावरी करवाई जाएगी और उसके बाद किसानों को मुआवजा वितरित किया जाएगा। खराब हुई फसलों की गिरदावरी करने को लेकर प्रशासन ने 197 क्षतिपूर्ति सहायक नियुक्त किए थे। इन क्षतिपूर्ति सहायकों को 500-500 एकड़ का सर्वे किया था और उसकी रिपोर्ट क्षतिपूर्ति पोर्टल पर अपलोड कर दी थी।
पिछले साल स्लैब अनुसार मिला था मुआवजा
प्रदेश सरकार ने पिछले साल हुए फसल खराबे का मुआवजा देने के लिए स्लैब बनाई थी, जिसमें जीरो से 24 प्रतिशत तक फसल खराब होने पर किसान को कोई मुआवजा नहीं दिया था। इसके बाद 25 से 32 प्रतिशत की स्लैब बनाई गई थी, जिसमें खराबे की प्रतिशतता अनुसार मुआवजा दिया गया था। 33 से 49 प्रतिशत, 50 से 74 प्रतिशत और 75 से 100 प्रतिशत की स्लैब बनाई थी। इनके अनुसार फसल खराबे का आकलन कर मुआवजा वितरित किया गया था।
बारिश और ओलावृष्टि से खराब हुई फसलों का ब्योरा देने के लिए क्षतिपूर्ति पोर्टल खोल दिया है। अब किसान खराब हुई फसलों का ब्योरा पोर्टल पर दे सकते हैं। किसानों को यह ब्योरा जल्द देना होगा, ताकि उसके बाद राजस्व विभाग का गिरदावरी का कार्य जल्द शुरू हो सके और किसानों को समय पर मुआवजा वितरित किया जा सके। -राजकुमार, जिला राजस्व अधिकारी जींद।