संवाद न्यूज एजेंसी
जींद। जिला खाद्य एवं आपूर्ति विभाग ने जिले के 542 डिपोधारकों का पिछले वर्ष के चार माह का राशन वितरण का बकाया कमीशन की राशि 33.81 लाख रुपये जारी की है। डिपोधारकों ने वर्ष 2022 में सितंबर से दिसंबर तक राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम व प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना के तहत राशन वितरण किया था। इसके अलावा वर्ष 2023 का फरवरी से अगस्त तक का 3.80 करोड़ रुपये कमीशन अब भी बकाया है। इसके लिए आएदिन डिपो धारक चक्कर काट रहे हैं, लेकिन उनको कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिल रहा।
खाद्य एवं पूर्ति विभाग जिले के सात खंडों में 542 डिपोधारकों के माध्यम से सरकार की योजनाओं प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना व राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा योजना के तहत राशन बंटवाने का काम करता है। इसमें विभाग ने सितंबर 2022 से दिसंबर 2022 व राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम का 2022-2023 से वितरण किए गए गेहूं का कमीशन जारी किया है। इसमें प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना का बकाया 22.64 लाख रुपये और राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम का बकाया 11.72 लाख रुपये के लगभग जारी हुआ है। कुल 33.81 लाख रुपये हुए हैं। यह कमीशन फिलहाल डिपोधारकों को वितरण करने का काम शुरू कर दिया गया है। इसके लिए विभाग ने डिपोधारकों को निर्देश दिए हैं कि जिन्होंने अभी तक कमीशन लेने के लिए निर्धारित प्रोफार्मा जमा नहीं करवाया है। वह अपने कमीशन का प्रोफार्मा भरकर संबंधित कांफेड इंचार्ज के पास तुरंत जमा करवाएं, ताकि विभाग द्वारा जारी राशन व कमीशन का मिलान करते हुए बकाया राशि भी जारी की जा सके।
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हर माह बांटा जाता है 36233 क्विंटल गेहूं
जिले में 542 डिपो पर प्रतिमाह 1.80 लाख रुपये से कम आमदनी वाले परिवारों को राशन वितरण किया जाता है। इसमें परिवार में सदस्यों की संख्या व बीपीएल में राशन कार्ड के अनुसार अलग-अलग संख्या में गेहूं दिया जाता है। यूनिट के अनुसार पांच किलो राशन प्रति यूनिट व बीपीएल कार्ड धारकों को 35 किलो प्रति राशन कार्ड गेहूं मिलता है। इसके चलते जिले में प्रति माह लगभग 36233 क्विंटल गेहूं का वितरण होता है।
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जिले में डिपोधारकों का जितना भी कमीशन बकाया है, उसे जल्द जारी करवाया जाएगा। इसके लिए डिपोधारकों के प्रोफार्मा जमा करवाया रहा है ताकि सभी को समय पर कमीशन उपलब्ध करवाया जा सके। फिलहाल बीते वर्ष का कमीशन जारी हुआ है। इस वर्ष का फरवरी से अब तक का कमीशन भी जारी करवा दिया जाएगा।-निशांत राठी जिला खाद्य एवं आपूर्ति नियंत्रक।