04जेएनडी14: मंडी गेट पर ताला लगा नारेबाजी करत हुए आढ़ती। स्रोत आढ़ती
जींद। गेहूं खरीद के लिए जो नियम सरकार ने बनाए है उसको लेकर किसानों और आढ़तियों का गुस्सा कम नहीं हो रहा है। शनिवार दोपहर कपास मंडी में आढ़ती एकत्रित हुए। यहां सरकार के खिलाफ नारेबाजी कर नए नियमों को रद्द करने की मांग की। उचाना मंडी गेट पर ताला लगा कर रोष प्रकट किया।
आढ़तियों ने कहा कि जब तक फसल खरीद के नए नियम रद्द नहीं होते अनिश्चितकालीन हड़ताल जारी रहेगी। पूर्व मंडी प्रधान बलराज श्योकंद ने कहा कि सरकार जो गेहूं खरीद को लेकर कानून लेकर आई है गेहूं उन कानूनों पर बिक नहीं सकती है।
ट्रैक्टर वाला गेट पास कटवा कर आढ़ती को दे देता है। साइट बंद हो गई तो काफी समय लग जाएगा। किसान खेत में गेहूं कटने के बाद तूड़ा बनाने लग जाता है। किसान के पास सीजन में समय नहीं होता।
मंडी प्रधान विकास पंघाल ने कहा कि गेहूं की खरीद को लेकर जो नया नियम सरकार लेकर आई है उसको लेकर किसानों, आढ़तियों ने विरोध प्रदर्शन किया है। जब तक ये नए नियम रद्द नहीं होते हड़ताल जारी रहेगी।
मंडी प्रधान विकास पंघाल ने कहा कि मंडी गेट पर ताला आढ़तियों ने लगाया है। नए नियम के हिसाब से गेट पास काटते समय किसान का साथ होना जरूरी है जिसकी फसल है। चार-चार घंटे में एक-एक गेट पास कट रहा है। नंबर प्लेट जरूरी कर दी। किसान परेशान हैं।
इस हिसाब से 20 लाख गेहूं के बैग मंडी में आएंगे और सीजन छह महीने चलेगा। इस मौके पर दलबीर श्योकंद, वीरेंद्र प्रधान, अनूप सहरावत, सुरेश, कुलदीप, वजीर बधाना, पोनी मौजूद रहे।