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अमरहेड़ी में ग्रामीणों ने स्कूल पर जड़ा ताला

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ताला जड़कर धरने पर बैठे लोगों को उठाते हुए पुलिस। - फोटो : bureau
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गांव अमरहेड़ी के राजकीय उच्च विद्यालय में बिजली की समस्या को लेकर बुधवार को तीन घंटे तक जमकर हंगामा हुआ। स्कूल की मैनेजमेंट कमेटी ने ग्रामीणों के साथ मिलकर स्कूल के बाहर ताला जड़ दिया और स्कूल स्टाफ को अंदर भी नहीं घुसने दिया। इस दौरान स्कूल स्टाफ लगभग दो घंटे तक बाहर ही रुका रहा। हंगामे की सूचना पाकर सदर थाना प्रभारी धर्मबीर सिंह और जिला शिक्षा अधिकारी वंदना गुप्ता मौके पर पहुंचीं। जहां पर जिला शिक्षा अधिकारी ने मौके पर ही खंड शिक्षा अधिकारी को दो साल से बिजली के बिल के भुगतान नहीं होने के कारणों का पता लगाने के आदेश दिए। इस दौरान जिला शिक्षा अधिकारी ने चाइल्ड वेलफेयर फंड से मौके पर ही बिजली के बिल की एक किस्त का चेक काटकर निगम में जमा करवाने के आदेश दिए। इसके बाद ग्रामीण शांत हुए।
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जानकारी के अनुसार गांव अमरहेड़ी के ग्रामीण बुधवार स्कूल मैनेजमेंट कमेटी के प्रधान सुभाष के साथ सुबह करीब नौ बजे स्कूल खुलने के स्कूल पहुंच गए और गेट पर ताला जड़ दिया। इस दौरान स्कूल में ड्यूटी पर पहुंचे शिक्षकों को भी अंदर नहीं घुसने दिया। ग्रामीणों ने कहा कि पिछले एक साल से स्कूल का बिजली कनेक्शन कटा है- जिसके चलते बच्चों को बिना पंखे और लाइट के गर्मी में परेशान होना पड़ता है। गर्मी के मौसम में विद्यार्थी बीमार हो रहे हैं। इसी के चलते दो दिन से स्कूल के विद्यार्थियों ने सामूहिक छुट्टी की है, लेकिन उसके बावजूद भी शिक्षा विभाग के अधिकारी हरकत में नहीं आए। इससे मजबूर होकर ग्रामीणों ने स्कूल पर ताला जड़ा है। स्कूल स्टाफ ने इसकी सूचना पुलिस और जिला शिक्षा अधिकारी को दी। जिस पर सदर थाना प्रभारी धर्मबीर सिंह मौके पर पहुंचे और ग्रामीणों से बातचीत की।

जिला शिक्षा अधिकारी मौके पर पहुंचीं
हंगामे की सूचना पाकर जिला शिक्षा अधिकारी  वंदना गुप्ता मौके पर पहुंची। जहां पर ग्रामीणों और स्कूल स्टाफ से पूरे मामले की जानकारी ली। जिला शिक्षा अधिकारी वंदना गुप्ता ने निगम के अधिकारियों से बातचीत की। जहां पर बिजली के बिल की एक किस्त को जमा करवाने की बात कही और मौके पर ही एक किस्त का 28 हजार रुपये का चेक काटकर दिया और बिजली बहाली की बात कही। इसके बाद ग्रामीण शांत हुए और विद्यार्थियों को स्कूल भेजने के लिए तैयार हुए।
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दो साल से नहीं भरा बिजली बिल
स्कूल मैनेजमेंट कमेटी के प्रधान सुभाष ने बताया कि शिक्षा विभाग के अधिकारियों की लापरवाही के कारण ही स्कूल का कनेक्शन कटा है। बिजली निगम लगातार दो साल से बिजली का बिल विभाग के पास भेज रहा है, लेकिन कर्मचारी व अधिकारियों ने इसकी तरफ ध्यान नहीं दिया। जिसके चलते एक लाख 70 हजार रुपये का बिल बकाया हो गया। बिजली के बिल का भुगतान नहीं होने के कारण लगभग एक साल पहले निगम ने कनेक्शन को काट दिया। उसके बाद से स्कूल के विद्यार्थियों को जहां गर्मी झेलनी पड़ रही है और पीने के पानी के लिए भी जरनेटर की व्यवस्था करनी पड़ती है। ग्रामीणों ने शांतिपूर्ण तरीके से दो दिन तक अपने बच्चों को स्कूल में नहीं भेजा। इसके बावजूद भी शिक्षा विभाग के अधिकारी हरकत में नहीं आए। जब ग्रामीणों ने स्कूल के बाहर ताला जड़ा तो हरकत में आए।

खंड शिक्षा अधिकारी करेंगी मामले की जांच
पिछले दो साल से स्कूल के बिजली के बिल का भुगतान नहीं होने की जिला शिक्षा अधिकारी वंदना गुप्ता ने खंड शिक्षा अधिकारी को जांच करने के आदेश दिए हैं। पिछले दो साल से स्थानीय हेड टीचरों की तरफ से बिजली बिल से संबंधित कोई रिक्वायरमेंट विभाग के पास नहीं भेजी गई है। इसके कारण समस्या पैदा हुई। उन्होंने रिक्वायरमेंट नहीं भेजने के मामले की भी जांच के भी आदेश दिए हैं।

पांच किस्तों में होगा भुगतान
पिछले दो साल से बिजली के बिल एक लाख 70 हजार रुपये बकाया है। इसमें समय पर बिल का भुगतान नहीं होने के चलते जुर्माना भी लगाया है। शिक्षा विभाग की अपील पर निगम के अधिकारियों ने बिल पर लगाए गए जुर्माने को माफ कर दिया और अब शिक्षा विभाग को एक लाख 40 हजार रुपये के बिल का भुगतान करना है। इस राशि को पांच किस्तों में भुगतान करना है। इसके लिए लगभग 28 हजार रुपये की किस्त बनाई गई। इसमें पहले किस्त बुधवार को जिला शिक्षा अधिकारी ने चेक के माध्यम से जारी करवा दी है।

 निगम की तरफ से अमरहेड़ी के सरकारी स्कूल को दो साल से बिजली का बिल भेजा रहा था, लेकिन उसका भुगतान नहीं हो रहा था। इसके कारण निगम ने एक साल पहले कनेक्शन काट दिया। निगम का स्कूल की तरफ एक लाख 70 हजार रुपये बकाया था। इसमें तीस हजार रुपये समय पर बिल का भुगतान नहीं होने के चलते जुर्माना किया था। विभाग की अपील पर जुर्माना को माफ कर दिया। अब शिक्षा विभाग को एक लाख 40 हजार रुपये पांच किस्तों में भुगतान करना है। पहली किस्त जारी होने के तुरंत बाद ही कनेक्शन को जोड़ दिया जाएगा।
 - पीके बाना, बिजली निगम के एसडीओ

जल्द ही स्कूल की बिजली आपूर्ति बहाल कर दी जाएगी। शिक्षा विभाग की तरफ बिजली निगम का एक लाख 40 हजार बकाया है। इसके लिए पांच किस्तें बिजली निगम से बनवाई गई हैं। 28 हजार रुपये की किस्त चाइल्ड वेलफेयर फंड से जमा करवा दी गई है। इतने लंबे समय तक बिजली के बिल का भुगतान नहीं हुआ इसकी जांच खंड शिक्षा अधिकारी को सौंपी है। अगर इसमें किसी की लापरवाही सामने आती है तो कार्रवाई की जाएगी।
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- वंदना गुप्ता, जिला शिक्षा अधिकारी 
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