सफीदों। मलिकपुर में कथित तौर पर फर्जी मेडिकल रजिस्ट्रेशन और अनधिकृत चिकित्सा गतिविधियों के मामले में पुलिस ने गौरव क्लीनिक के संचालक गौरव और डॉ. आयुषी तिवारी के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। हरियाणा मेडिकल काउंसिल के रजिस्ट्रार ने डॉ. आयुषी तिवारी के मेडिकल रजिस्ट्रेशन को फर्जी बताया है।
नागरिक अस्पताल सफीदों के वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी डॉ. सुनील कुमार ने एफआईआर में बताया कि सिविल सर्जन कार्यालय जींद को मलिकपुर निवासी गौरव के खिलाफ अनधिकृत मेडिकल स्टोर चलाने की शिकायत मिली थी। इसके बाद सिविल सर्जन के निर्देश पर सात अप्रैल को चिकित्सा अधिकारी डॉ. चिराग और एएमओ डॉ. शुभम की टीम ने गौरव क्लीनिक का औचक निरीक्षण किया।
स्वास्थ्य विभाग की टीम गांव में प्राथमिक स्कूल के नजदीक स्थित क्लीनिक पर पहुंची तो गौरव वहां मौजूद थे। क्लीनिक में विभिन्न प्रकार की दवाइयां, बीपी मापने का उपकरण, इंस्ट्रूमेंट ट्रे और स्टेथोस्कोप सहित अन्य चिकित्सा सामान मिला।
टीम ने मौके पर मिले सामान को सील कर दिया। गौरव निरीक्षण के दौरान चिकित्सा कार्य से संबंधित डिग्री या जरूरी दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर पाए। इसके बाद स्वास्थ्य विभाग ने क्लीनिक से जुड़े दस्तावेज और मेडिकल रजिस्ट्रेशन का सत्यापन करवाया।
हरियाणा मेडिकल काउंसिल ने रजिस्ट्रेशन को बताया फर्जी
नौ अप्रैल को डॉ. आयुषी तिवारी के नाम से मेडिकल डिग्री और रजिस्ट्रेशन से संबंधित दस्तावेज सफीदों कार्यालय में जमा करवाए गए थे। सत्यापन के लिए ये दस्तावेज हरियाणा मेडिकल काउंसिल, पंचकूला को भेजे गए। काउंसिल के रजिस्ट्रार ने 29 सितंबर को जारी पत्र में संबंधित मेडिकल रजिस्ट्रेशन को फर्जी बताया। इसके बाद स्वास्थ्य विभाग ने जांच रिपोर्ट सिविल सर्जन कार्यालय को भेजी।
वर्जन
पुलिस ने मामले में क्लीनिक संचालक गौरव निवासी मलिकपुर और डॉ. आयुषी तिवारी निवासी चूरू, राजस्थान के खिलाफ विभिन्न धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज कर ली है।
-सतीश कुमार, प्रभारी, सदर पुलिस थाना जींद