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स्वच्छता सर्वेक्षण : घरों के पीछे वाली गलियों की होगी मॉनीटरिंग

Wed, 31 Jan 2024 12:54 AM IST
रोहतक ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
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जींद। स्वच्छता सर्वेक्षण-2024 के लिए केंद्र सरकार ने नई गाइडलाइन जारी की है। इस बार घरों के पीछे वाली गलियों की भी मॉनीटरिंग की जाएगी। पीछे की गलियों को उपयोग में लाने लायक बनाया जाएगा। इस बार अप्रैल-मई में स्वच्छता सर्वेक्षण होगा। इस बार 9500 अंकों की परीक्षा होगी। इनमें से नगर पालिका या परिषद कितने अंक लेती हैं उसकी के हिसाब से स्वच्छता रैंकिंग मिलेगी।
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केंद्र सरकार ने स्वच्छ सर्वेक्षण-2024 के लिए प्रारंभिक गाइडलाइन जारी कर कई अहम बदलाव किए हैं। इनमें मुख्य है कि इस बार घरों के पीछे वाली गलियों की मॉनीटरिंग की जाएगी। पीछे की गली को उपयोग में लायक बनाना अनिवार्य होगा, ताकि यहां बच्चे इनका उपयोग खेल गतिविधियों में कर सकें। बैक लेन में कचरा या गैर उपयोगी वस्तुओं को फेंकने पर जुर्माना लगाया जाएगा। इसे सख्ती से प्राथमिकता से लागू किया जाएगा। इसके अलावा ट्रिपल आर यानी रिड्यूस, रीयूज और रिसाइकिल पर भी ध्यान दिया जाएगा।

दो चरण की सफाई व जन सुविधाओं पर होंगे

इसमें दो चरण सिर्फ स्थानीय स्तर पर साफ-सफाई और जनता की सुविधाओं को लेकर हैं। यह सितंबर तक खत्म कर दिया जाएगा। नवंबर के आखिरी तक असेसमेंट होना है, जबकि तीसरा चरण प्रोसेसिंग फेसिलिटी पर ध्यान देना है। सबसे महत्वपूर्ण इसमें फील्ड असेसमेंट होकर मुख्य सर्वे अप्रैल-मई 2024 में कराया जाएगा।
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कचरे का पृथक्करण जरूरी

गीले-सूखे कचरे का पृथक्करण, कलेक्शन और ट्रांसपोर्टेशन के अलावा सेनिटेशन, यूज वाटर मैनेजमेंट गेम और सफाई मित्र सुरक्षा, लिगेसी वेस्ट रेमीडेशन, सालिड वेस्ट मैनेजमेंट, सिग्नल इंडीकेटर संकेतक बोर्ड, विजिबल क्लीनेस इसके पैरामीटर्स रहेंगे। नई परीक्षा भी 9500 अंकों की होगी। इसमें सर्विस लेवल प्रोग्रेस के 5705 अंक निर्धारित किए गए हैं। इसमें विजिबल क्लीन के 950 अंक, कचरा पृथक्करण के 750 अंक, सालिड वेस्ट मैनेजमेंट के 1705 अंक और स्वच्छता, जल प्रबंधन तथा सफाई मित्र सुरक्षा के 1245 अंक मिलेंगे। सर्टिफिकेशन के 2500 अंक हैं, जबकि तीसरी श्रेणी सिटीजन फीडबैक को अब जन आंदोलन नाम दिया गया है। जन आंदोलन के 1295 अंक निर्धारित किए गए हैं।

स्वच्छता सर्वेक्षण की नई गाइडलाइन के तहत लोगों को फीडबैक देने के लिए जागरूक किया जाएगा। इसके अलावा सफाई पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। इस बार स्वच्छता रैंकिंग में काफी सुधार के प्रयास किए जाएंगे। -डॉ. अनुराधा सैनी, चेयरपर्सन, नगर परिषद।
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