मंगलवार को दिनभर इसे लेकर नागरिक अस्पताल में हंगामा चलता रहा। परिजनों और पुलिस के बीच कई बार बातचीत हुई, लेकिन दोपहर तक बात सिरे नहीं चढ़ पाई। इसके बाद पुलिस ने तीन बजे परिजनों के दोबारा बयान लिखे। इसके बाद ही पोस्टमार्टम की कार्रवाई शुरू की गई।
छात्र के परिजनों ने आरोप लगाया कि पुलिस बस चालक की लापरवाही के मामले को दबाना चाहती है। उन्होंने कहा कि कर्मदीप की मौत बस के दरवाजे से गिरने से नहीं, बल्कि प्राइवेट बस चालक की लापरवाही के कारण हुई है। परिजनों ने बताया कि प्राइवेट बस जब उचाना पुलिस थाना के पास पहुंची तो ड्राइवर ने बस के आगे जा रही ट्रैक्टर-ट्रॉली से बचाने के लिए अचानक कट मारा था।
इससे दरवाजे में खड़े कर्मदीप का बैग ट्रॉली में उलझ गया और वह नीचे गिर गया। नीचे गिरने से कर्मदीप की मौत हो गई। उचाना थाना के जांच अधिकारी एसआई राजबीर सिंह ने बताया कि मृतक के चाचा जगबीर की शिकायत पर प्राइवेट बस के अज्ञात चालक के खिलाफ लापरवाही से बस चलाने के आरोप में केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी। नागरिक अस्पताल में शव का पोस्टमार्टम करवाकर शव परिजनों को सौंप दया है।
पांच बहनों का इकलौता भाई था कर्मदीप
बड़ौदा निवासी कर्मदीप पांच बहनों का इकलौता भाई था। कर्मदीप के पिता की दो महीने पहले बीमारी के चलते मौत हो गई थी। अब घर की आस पूरी तरह से कर्मदीप पर थी। कर्मदीप की मौत के बाद अब घर का आंगन सूना हो गया है।