राजकीय कॉलेज के बाहर मंगलवार दोपहर आरएसएस का पुतला फूंक रहे एसएफआई कार्यकर्ताओं का अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद कार्यकर्ताओं के साथ झगड़ा हो गया।
एसएफआई के कार्यकर्ताओं ने एबीवीपी कार्यकर्ताओं पर लाठियों से हमला करने का आरोप लगाया है। बाद में सिविल लाइन पुलिस चौकी में दोनों पक्षों के बीच समझौता हो गया। समझौते में माकपा और भाजपा के नेता शामिल रहे।
हैदराबाद में शोध छात्र रोहित बेमूला के मामले में एबीवीपी के कार्यकर्ताओं ने दोपहर करीब 12 बजे कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी का पुतला कॉलेज गेट के समक्ष फूंका।
इसके करीब एक घंटे बाद एसएफआई कार्यकर्ता इसी मामले में आरएसएस का पुतला फूंकने पहुंचे। आरोप है कि इसी समय एबीवीपी के कार्यकर्ताओं ने एसएफआई कार्यकर्ताओं पर हमला कर दिया।
इस दौरान एसएफआई कार्यकर्ताओं ने एक युवक को दबोच लिया और इसकी सूचना पुलिस को दी। दोनों छात्र संगठनों के बीच करीब आधा घंटे तक विवाद चलता रहा। इसके बाद पुलिस ने मौके पर पहुंचकर दोनों गुटों के दो-दो छात्रों को हिरासत में ले लिया।
भाजपा और माकपा नेता पहुंचे पुलिस चौकी
गौरतलब है कि एबीवीपी छात्र संगठन भाजपा और एसएफआई माकपा समर्थक माने जाते हैं। ऐसे में माकपा के जिला सचिव कामरेड रमेश चंद्र और कई पार्टी नेता और वरिष्ठ भाजपा नेता लीलाधर मित्तल व महेश सिंघल सिविल लाइन चौकी पहुंचे। यहां दोनों पार्टियों के नेताओं के बीच बातचीत होने के बाद समझौता हो गया।
नहीं होने देंगे राष्ट्रविरोधी गतिविधियां
नक्सली और एसएफआई नेताओं ने याकूब मेनन के समर्थन में नारेबाजी शुरू कर दी और आरएसएस और एबीवीपी के कार्यकर्ताओं के साथ गाली गलौच शुरू कर दिया। एसएफआई कार्यकर्ताओं ने भारत माता के विरोध में नारेबाजी भी की। इसका विरोध करने पर एसएफआई कार्यकर्ताओं ने झगड़ा शुरू कर दिया। एसएफआई कार्यकर्ता राष्ट्रविरोधी गतिविधियां कर रहे हैं, इन्हें किसी भी सूरत में नहीं होने देंगे।
प्रदेश संगठन मंत्री, प्रदीप शेखावत, एबीपीवी
जारी रहेगा विरोध
एसएफआई के कार्यकर्ता हैदराबाद के दलित शोधार्थी रोहित वेमुला की संस्थागत हत्या और दिल्ली में प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर हुए लाठीचार्ज के खिलाफ एवं दोषियों पर कार्रवाई की मांग को लेकर विरोध प्रदर्शन कर रहे थे। इसी दौरान एबीवीपी के कार्यकर्ताओं ने उन पर हमला कर दिया। एबीवीपी और आरएसएस के कार्यकर्ता सत्ता के नशे में चूर होकर आज जनतांत्रिक अधिकारों पर हमला कर रहे हैं। देश में नफरत की राजनीति करने वालों का विरोध जारी रहेगा। एसएफआई के जिला सचिव मानव प्रदीप के अनुसार इस घटना से सिद्ध हो गया है कि देश में असहिष्णुता का मुद्दा झूठा नहीं है।
हो गया समझौता
कॉलेज के बाहर दो छात्र संगठनों के पदाधिकारियों के बीच झगड़ा हो गया था। इस पर पुलिस ने दोनों गुटों के विद्यार्थियों को हिरासत में ले लिया। बाद में दोनों पक्षों के बीच समझौता हो गया है। इसमें पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की है। - तेजवीर सिंह, शहर थाना प्रभारी