जींद। नगर परिषद ने दावा किया था कि दिवाली से पहले शहर की सड़कों से बेसहारा गोवंशों को हटा दिया जाएगा। लेकिन अभी भी 1500 से ज्यादा गोवंश सड़कों पर घूम रहे हैं। अगर ऐसा की रहा तो दिवाली से पहले नप गोवंशों को नहीं हटना पाएगा।
शहर को बेसहारा गोवंशों से मुक्त बनाने के लिए नगर परिषद विशेष अभियान चला रही है। अभियान के तहत अब तक शहर से 750 से ज्यादा गोवंशों को पकड़ कर गोशाला पहुंचाया गया है। इसके बावजूद शहर की सड़कों पर गोवंश घूम रहे हैं। जो राहगीरों को लिए मुसीबत बने हुए हैं।
गोवंश सारा दिन सड़कों पर बैठे रहते हैं या फिर पेट भरने के लिए कूड़े में मुंह रहते हैं। हालांकि नगर परिषद की टीम गोवंशों को पकड़कर उन्हें टैग लगाकर गोशाला पहुंचाया जा रहा है। अब जो गोवंश खुले में घूम रहे हैं इन्हें पकड़ना किसी चुनौती से कम नहीं है।
शहर के झांझ गेट, रुपया चौक, गोहाना रोड, सफीदों रोड, जेल बाईपास में बेसहारा गोवंश को पुनर्वास देने के लिए गाय, सांड़़, बछड़ा, बछड़ी के हिसाब से रोज का प्रति पशु 40, 30 व 20 रुपये चारा खर्च दिया जाता है।
पालतु पशुओं को छोड़ा जा रहा
ग्रामीण क्षेत्र से गोवंश शहर में आ रहा है। कुछ लोग सुबह-शाम दूध निकालकर गोवंश को शहर में छोड़ देते हैं। इसके बाद शाम को वापस ले जाते हैं। पूरा दिन गोवंश बाजारों में घूमता रहा है और कूड़े में मुंह मारता रहता है। ऐसे में वह दुकानदारों को भी परेशान करते रहते हैं।
वर्जन
नगर परिषद का बेसहारा गोवंश को पकड़ने का अभियान लगातार जारी है। रोजाना गोवंश को पकड़कर गोशालाओं में छोड़ा जा रहा है। जल्द ही सड़कों को गोवंश मुक्त कर दिया जाएगा।-सुरेंद्र दूहन, नगरायुक्त, नगर परिषद जींद