02जेएनडी02: जनस्वास्थ्य विभाग कार्यालय। संवाद
जींद। शहर की सीवरेज व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग ने 26 लाख रुपये की रखरखाव योजना तैयार की है। इसके तहत सीवर लाइनों, एसडब्ल्यू पाइप, आरसीसी पाइप, सीवर मैनहोल और सफाई में इस्तेमाल होने वाली जेटिंग मशीन की मरम्मत व नियमित देखरेख की जाएगी।
विभाग ने इस कार्य के लिए टेंडर जारी कर दिया है। टेंडर की वित्तीय बोली सात अगस्त को खोली जाएगी। इसके बाद एजेंसी का चयन कर शहर में रखरखाव का काम शुरू कराया जाएगा।
शहर में लंबे समय से कई इलाकों में सीवर जाम, मैनहोल से गंदे पानी के ओवरफ्लो और बरसात के दौरान जलभराव की समस्या सामने आती रही है। कई स्थानों पर सीवर लाइनें क्षतिग्रस्त होने के कारण गंदा पानी सड़कों पर फैल जाता है जिससे लोगों को परेशानी के साथ-साथ बदबू और संक्रमण के खतरे का भी सामना करना पड़ता है।
विभाग की योजना के तहत खराब हो चुकी एसडब्ल्यू और आरसीसी पाइपों की मरम्मत की जाएगी। इसके अलावा जरूरत के अनुसार सीवर मैनहोल को भी ठीक कर सुरक्षित बनाया जाएगा। सीवर सफाई में अहम भूमिका निभाने वाली जेटिंग मशीन को भी दुरुस्त रखा जाएगा ताकि किसी भी क्षेत्र में सीवर जाम होने की स्थिति में तुरंत सफाई कराई जा सके।
विभाग का कहना है कि नियमित रखरखाव से सीवर लाइनों की कार्यक्षमता बेहतर होगी और शिकायतों का समाधान तेजी से किया जा सकेगा। खासकर बरसात के मौसम में जल निकासी व्यवस्था सुधरने से सड़कों पर जलभराव की समस्या कम होने की उम्मीद है।
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समय पर रखरखाव होने से सीवर लाइनें सुचारु रूप से संचालित होंगी और शिकायतों के समाधान में तेजी आएगी। बरसात के दौरान जल निकासी बेहतर होने से जलभराव कम होगा। सीवर ओवरफ्लो की घटनाओं में कमी आने से शहर की स्वच्छता व्यवस्था भी मजबूत होगी।
-भानू प्रकाश, कार्यकारी अभियंता जनस्वास्थ्य विभाग जींद।