जींद। नगर परिषद द्वारा शहर की दो महत्वपूर्ण सड़कों व चार गलियों का निर्माण करवाया जाएगा। इस पर करीब आठ करोड़ रुपये खर्च होंगे। इसके लिए नगर परिषद द्वारा टेंडर किए जा चुके हैं और अगले आठ महीने में यह काम पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। हालांकि मानसून को देखते हुए इस काम में कुछ देरी हो सकती है।
इसके अलावा अमरूत योजना के तहत दबाई गई पाइप लाइन के लिए तोड़ी गई दो सड़कों का भी निर्माण किया जाएगा। इन दोनों सड़कों को लेकर पिछले करीब दो साल से परेशानी बनी हुई थी। ऐसे अब इनके बन जाने से लोगों को राहत मिलेगी। बता दें कि शहर में अमरूत योजना के तहत करीब 25 किलोमीटर लंबी पाइप लाइन डाली गई है। लाइन डालने के लिए नगर परिषद की सड़कों व गलियां, बीएंडआर की सड़कें तोड़ी गई। पिछले करीब तीन साल से इनको लेकर विवाद चल रहा था, लेकिन अब तोड़ी गई सड़कों का निर्माण शुरू होने जा रहा है। इसके बाद शहर के हालात काफी सुधर जाएंगे। हालांकि आने वाले बारिश के मौसम में लोगों को कुछ परेशानी झेलनी पड़ रही है।
इन सड़कों का होगा निर्माण
-स्कीम नंबर पांच-छह की चार सड़कों का निर्माण तीन करोड़ 32 लाख 17 हजार रुपये से किया जाएगा। इन सभी सड़कों की कुल लंबाई करीब तीन किलोमीटर है।
-काठ मंडी से ज्ञानतारा रोड का निर्माण अस्थायी नंदीशाला तक करवाया जाएगा। इस सड़क की लंबाई करीब दो किलोमीटर है। इस पर तीन करोड़ 60 लाख 56 हजार रुपये खर्च होंगे।
-सब्जी मंडी के साथ उद्यम सिंह चौक तक की करीब आधा किलोमीटर लंबी सड़क का निर्माण एक करोड़ एक लाख रुपये से करवाया जाएगा।
हर मौसम में रहती है परेशानी
ज्ञानतारा रोड व सब्जी मंडी वाले रोड टूटे होने के कारण हर लोगों को काफी परेशानी रहती है। बारिश के समय में तो यहां पर और बुरा हाल हो जाता है। बारिश से टूटी सड़क पर कीचड़ ही कीचड़ हो जाता है और सड़क पर भर जाता है। वहीं मौसम साफ होने पर यहां धूल उड़ती रहती है। इससे यहां के दुकानदारों को काफी परेशानी होती है।
यहां-यहां बिगड़ी व्यवस्था
अमरूत योजना के तहत पाइप लाइन डालने के चलते सफीदों रोड, मिनी बाईपास, रोहतक रोड, आरा रोड, नई सब्जी मंडी स्कीम नंबर पांच-छह में व्यवस्था बिगड़ गई थी। इसमें से अब तक सफीदों रोड, मिनी बाईपास की टूटी हुई सड़कों का निर्माण किया जा चुका है। रोहतक रोड का काम चल रहा है। आरा रोड व नई सब्जी मंडी की सड़क बनने से लोगों को काफी राहत मिलेगी।
जल्द शुरू होगा काम
तीनों परियोजनाओं के लिए टेंडर खोले जा चुके हैं। इन पर जल्द ही काम शुरू करवाया जाएगा। बारिश के मौसम के कारण कुछ देरी हो सकती है। इसके लिए आठ महीने का समय है। समय पर काम पूरा हो जाएगा।
सुमित कुमार, एक्सईएन, नगरपरिषद, जींद।