जींद। नगर परिषद के सफाई कर्मचारी को बुधवार राज्य चौकसी ब्यूरो (विजिलेंस) टीम ने ढाई हजार रुपये रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। आरोपी सुरेश नगर परिषद में अस्थायी तौर पर सफाई कर्मी है, लेकिन वह कार्यालय में प्रॉपर्टी आईडी बनाने का काम करता था।
विजय नगर निवासी सुनील ने विजिलेंस को दी शिकायत में बताया कि उसे अपने प्लाट की प्रॉपर्टी आईडी लेने के लिए 15 दिसंबर को नगर परिषद की सात नंबर खिड़की पर सुरेश के पास फाइल जमा करवाई। सुनील का आरोप है कि सुरेश ने करीब एक महीने तक उसके चक्कर कटवाए। एक महीने बाद सुरेश ने कहा कि प्रॉपर्टी आईडी के लिए दस हजार रुपये देने होंगे। इसके अलावा जिस राशि की रसीद कटेंगी वह अलग से होगी। इस पर सुनील ने उसे छह हजार रुपये दे दिए। इसके बाद बीच में दो हजार रुपये दिए और बुधवार को ढाई हजार रुपये देने की बात हुई थी। बुधवार को जब सुनील ने सुरेश से बात की तो उसे कार्यालय के अंदर ही बुलाकर प्रॉपर्टी आईडी दी। इस पर सुनील ने उसे बाकी ढाई हजार रुपये दे दिए। इस दौरान विजिलेंस की टीम व ड्यूटी मजिस्ट्रेट नायब तहसीलदार दीपक कुमार ने सुरेश को ढाई हजार रुपये के साथ काबू कर लिया।
विजिलेंस के निरीक्षक बलवान सिंह के अनुसार सुरेश के पास से विजिलेंस द्वारा दी राशि बरामद हुई है। मेडिकल करवा कर उसे अदालत में पेश किया जाएगा। वहीं नगर परिषद के कार्यकारी अधिकारी डॉ. सुरेश कुमार के अनुसार जिस कर्मचारी का मामला सामने आया है, उसका काम सफाई का है। कार्यालय में उसकी ड्यूटी नहीं है।