जींद। प्रदेश के सरकारी स्कूलों में तीसरी से पांचवीं कक्षा तक के विद्यार्थी मातृ दिवस पर अपनी मां, दादी और नानी को पत्र लिखेंगे। इसमें अध्यापक बच्चों को पत्र लिखने की कला सिखाएंगे, ताकि छोटे-छोटे बच्चे पत्र के माध्यम से अपने भाव प्रकट कर सकें। माता, दादी और नानी भी इसे पढ़कर बच्चों को लौटाने के अलावा अध्यापकों को भेजेंगी। इसके अलावा पत्र को सोशल मीडिया पर भी शेयर किया जाएगा।
शिक्षा विभाग ने निपुण मिशन हरियाणा के तहत प्रदेश के सभी जिला शिक्षा अधिकारियों को पत्र भेजकर यह दिशा-निर्देश दिए हैं। इन गतिविधियों का मूल उद्देश्य विद्यार्थियों के लेखन कौशल का विकास करना है।
शिक्षा विभाग ने निपुण हरियाणा कार्यक्रम के तहत भाषा लेखन कौशल विकास के लिए मातृ दिवस पर विद्यार्थियों को अपनी मां, दादी और नानी को पत्र लिखने के आदेश जारी किए हैं। तीसरी कक्षा के लिए 60 शब्द यानी छह पंक्ति, चौथी कक्षा के लिए 100 शब्द यानी दस पंक्ति और पांचवीं कक्षा के लिए 130 शब्द यानी 15 पंक्ति के पत्र लिखने होंगे।
पत्र में विद्यार्थी मन के भावों, विचारों, अपनी श्रद्धा प्रकट करने के उद्देश्य से अपनी मां के बारे में, उनकी अच्छाइयों, उनके किए जाने वाले प्यार-दुलार, पालन-पोषण में किए जाने वाले प्रयासों, पढ़ाई-लिखाई व अच्छी आदत व संस्कार प्रदान करने में की जा रही मदद, के बारे में उल्लेख करते हुए आभार प्रकट करेंगे। यही नहीं मां, दादी और नानी के बनाए गए स्वादिष्ट भोजन और भ्रमण के बारे में भी लिखेंगे।
मंगलवार को विद्यार्थियों ने ड्राफ्ट तैयार किया। अध्यापक सभी को लेखन का अभ्यास भी कराएंगे। 7 मई को विद्यार्थी ड्रॉफ्ट तैयार करेंगे। 8 को टीचर वाक्य और अशुद्धियों की जांच करेंगे। 8 को ही दोपहर बाद दोबारा लेखन व लिफाफे में डालने का कार्य होगा।
12 मई को सभी विद्यार्थी इस पत्र को अपनी मां को देंगे। पत्र पढ़कर मां अपनी टिप्पणी दर्ज करेंगी और सोशल मीडिया पर शेयर करेंगी। यह पत्र बच्चे के माध्यम से फिर से अध्यापक के पास पहुंचेगा।