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Jind News: क्लास रेडिनेस प्रोग्राम से अनुभवात्मक शिक्षा से जुड़ रहे नौनिहाल

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25जेएनडी13: विश्व मलेरिया दिवस पर पोस्टर बना कर दिखाते हुए बच्चे। स्रोत संस्थान
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जींद। शिक्षा का उद्देश्य केवल किताबी ज्ञान तक सीमित नहीं है बल्कि बच्चों का सर्वांगीण विकास करना है। जिले के प्राथमिक विद्यालयों में चलाया जा रहा 45 दिवसीय क्लास रेडिनेस प्रोग्राम आज बच्चों के जीवन में नई ऊर्जा और आत्मविश्वास का संचार कर रहा है।
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इस कार्यक्रम के माध्यम से न केवल बच्चों की झिझक दूर हो रही है बल्कि उनमें नेतृत्व क्षमता और आत्मनिर्भरता जैसे गुण भी विकसित हो रहे हैं।

जिला समन्वयक राजेश वशिष्ठ ने कहा कि बच्चे कच्ची मिट्टी के समान होते हैं और शिक्षक उन्हें सही आकार देने का कार्य कर रहे हैं। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य बच्चों को पारंपरिक रटने की पद्धति से दूर ले जाकर अनुभवात्मक शिक्षा से जोड़ना है।
खेल, गीत, कहानी, चित्रकला और नाटक जैसी गतिविधियों ने बच्चों में सीखने की जिज्ञासा को कई गुना बढ़ा दिया है। कार्यक्रम के तहत बच्चों को विभिन्न समूहों में बांटा गया है।
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कोई समूह विद्यालय की सफाई का जिम्मा संभालता है तो कोई पौधों की देखभाल और दैनिक गतिविधियों का संचालन करता है। इससे बच्चों में जिम्मेदारी निभाने की भावना जागृत हो रही है। शिक्षा विभाग द्वारा निर्धारित विशेष समय-सारणी के माध्यम से बच्चों में भाषा कौशल, गणितीय समझ और समय प्रबंधन का विकास किया जा रहा है।
यह कार्यक्रम केवल स्कूल की चारदीवारी तक सीमित नहीं है। विश्व मलेरिया दिवस के अवसर पर बच्चों ने पोस्टर मेकिंग, रैली और भाषण प्रतियोगिताओं के जरिए समाज को स्वास्थ्य के प्रति जागरूक किया।
शिक्षकों के अनुसार अब बच्चे कक्षा में प्रश्न पूछने से कतराते नहीं हैं बल्कि हर विषय के पीछे के तर्क को समझने का प्रयास करते हैं। राजेश वशिष्ठ ने अंत में कहा कि यह कार्यक्रम बच्चों के भविष्य की मजबूत नींव रख रहा है जिससे वे भविष्य में देश के जिम्मेदार और संवेदनशील नागरिक बन सकेंगे।
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