गांव हाट में शुक्रवार को महिला संरक्षण एवं बाल विवाह निषेध विभाग द्वारा एक नाबालिग लड़की की शादी रुकवाई गई। नरवाना के गांव डूमरखा खुर्द से आई बारात को बिना दुल्हन के ही लौटना पड़ा। विभाग द्वारा दोनो पक्षों से लिखित में लड़की के बालिग होने तक शादी नहीं करवाने का आश्वासन लिया गया है।
जिला महिला संरक्षण एवं बाल विवाह निषेध अधिकारी करमिंद्र कौर को गुप्त सूचना मिली थी कि सफीदों के गांव हाट में दो बहनों की शादी करवाई जा रही है। इसमें छोटी लड़की नाबालिग है और गांव में दोनों दूल्हे भी बारात लेकर पहुंच चुके हैं। सूचना मिलते ही बाल विवाह निषेध कार्यालय से सहायक रवि लोहान, एएसआई अजमेर, महिला हैड कांस्टेबल गीता देवी, नीलम व कांस्टेबल राजेश गांव में विवाह स्थल पर पहुंचे।
लड़की के प्रमाण-पत्र देखे गए तो लड़की की उम्र 18 साल से छह महीने कम पाए गए। मौका स्थल पर नरवाना के गांव डूमरखा खुर्द से बारात आई थी। बारात को बिना दुल्हन ही बैरंग लौटना पड़ा। दोनों परिवारों द्वारा महिला संरक्षण एवं बाल विवाह निषेध विभाग के अधिकारियों को लिखित में ब्यान दिया है कि वह कानून की पालना करेंगे तथा लड़की के बालिग होने पर ही उसकी शादी की जाएगी।