18जेएनडी09-खरकभूरा गांव में नीम के पेड़ से निकल रहे सफेद तरल को लेकर जाते ग्रामीण। संवाद
उचाना। काफी दिनों से खरकभूरा गांव के जोहड़ पर करीब 20 साल पुराने नीम के पेड़ से सफेद तरल निकलना शुरू हो गया। लोगों को जब इसकी जानकारी मिली तो ग्रामीणों के बीच ये चर्चा का विषय बन गया। ग्रामीण पेड़ से निकल रहे सफेद तरल को आस्था से जोड़ रहे हैं, जबकि जांच के लिए पहुंची टीम ने ग्रामीणों से अपील की है कि वह किसी तरह के अंधविश्वास में नहीं पड़े।
जांच टीम ने सफेद तरल पदार्थ के सैंपल भी लिए। नीम का पेड़ कड़वा माना जाता है, लेकिन इस सफेद तरल को चखने के बाद ग्रामीणों का कहना है कि जिस तरह से नारियल का पानी होता है, वैसा ये सफेद तरल है। प्रशासन ने गांव में मुनियादी कराकर ग्रामीणों से अपील की है कि जो सफेद तरल निकल रहा है, उसका इस्तेमाल नहीं करें। स्वास्थ्य, वन, पंचायत और जन स्वास्थ्य विभाग की टीम नीम के पेड़ से निकल रहे पानी के निरीक्षण के लिए पहुंची। स्वास्थ्य विभाग उचाना से टीम में शामिल एमपीएचडब्ल्यू विक्रम श्योकंद ने बताया कि यह एक रासायनिक प्रक्रिया है। चमत्कार नहीं है।