जींद/नरवाना। पूर्व केंद्रीय मंत्री चौधरी बीरेंद्र सिंह ने कहा कि यह किसान आंदोलन कहीं न कही किसान के दिल का दर्द है। किसान अन्नदाता है, जो दूसरों का पेट भरकर खुद खाली पेट रहता है। उसके साथ इंसाफ होना चाहिए। यह उसके साथ बहुत बड़ा अन्याय है। वह बुधवार को नरवाना के छोटूराम पार्क में बसंत पंचमी कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि 1991 में नरसिम्हा राव प्रधानमंत्री थे। उसके बाद से आज 33 साल हो गए, यह देश की आर्थिक व्यवस्था बढ़ी हुई है। अगर यह आंदोलन और किसानों का दर्द खत्म करना है तो यह 33 साल के आर्थिक सुधार को दोबारा देखना होगा। किसानों के साथ इंसाफ होना चाहिए। संवाद