31जेएनडी36: हरियाणा की टीम चैंपियन बनने पर खुशी जताते हुए प्राची के परिजन। संवाद
- फोटो : सांकेतिक
नरवाना। उत्तराखंड के ऋषिकेश में 27 से 31 जनवरी तक आयोजित 38वें नेशनल गेम्स की बीच हैंडबॉल प्रतियोगिता में टीम हरियाणा चैंपियन बनी। इसमें नरवाना की खिलाड़ी प्राची मोर का विशेष योगदान रहा। वह इस टीम की कप्तान थीं। प्राची की ससुराल कैथल में है। हरियाणा के चैंपियन बनने पर शुक्रवार को नरवाना के बड़सी पत्ती क्षेत्र में प्राची के घर पर जश्न का माहौल बना रहा।
प्राची की माता रेखा, चाचा सुखदेव व भाई आशीष मोर ने कहा कि प्राची शुरू से ही अपने खेलों में बेहद लगन से खेलती रही है। इसका श्रेय कोच जुगमिंद्र सिंह का रहा है जो बेहद कड़ी मेहनत करवाकर प्राची को आज इस मुकाम पर पहुंचाने के लिए तराशा है। प्राची की माता रेखा ने कहा कि प्राची का घर पहुंचने पर हल्दी-चावल का तिलक कर और चूरमा खिलाकर जोरदार स्वागत किया जाएगा।
टीम के कोच जुगमिंद्र सिंह ने बताया कि हरियाणा की महिला बीच हैंडबॉल टीम ने असम को 27 गोल, महाराष्ट्र को 26 गोल, उत्तराखंड को 30 गोल एवं सेमीफाइनल में छत्तीसगढ़ को 17 गोल से हराया। फाइनल में केरल की टीम को 32 गोल से हराकर चैंपियन बनने का गौरव प्राप्त किया। प्राची सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) में कार्यरत हैं। सुषमा को उपकप्तान बनाया गया था, वह रेलवे विभाग मे ऑफिस सुपरिटेंडेंट के पद पर कार्यरत है। टीम में अन्य खिलाड़ी सुषमा, सिमरन एवं मीनू रेलवे विभाग, प्राची, आरजू एवं मंजीत सीमा शस्त्र बल, रितु और सोनिका खेल विभाग हरियाणा में कार्यरत हैं। खुशी कैथल और प्रवेश जींद जिले से हैं।
टीम के कोच जुगमिंद्र सिंह, गुरमेल कौर हैंडबाल प्रशिक्षक कैथल और बिजेंद्र कुमार हैंडबाल प्रशिक्षक रेवाड़ी टीम के साथ थे। गोवा में आयोजित 37वें नेशनल गेम्स में भी हरियाणा ने अपने स्वर्ण पदक नाम किया था। इस अवसर पर प्राची की बुआ शकुंतला, संतोष, उषा, पुष्पा, भाभी रितु, भतीजी मन्नत व नव्या मौजूद रही।