संवाद न्यूज एजेंसी
जींद। डीआरडीए सभागार में मंगलवार को जिला परिषद की बैठक का आयोजन किया गया। इसमें 41 में से 31 सदस्य उपस्थित रहे। भाजपा के तीनों सांसद सोनीपत लोकसभा क्षेत्र से रमेश कौशिक, हिसार से सांसद बृजेंद्र सिंह और सिरसा लोकसभा क्षेत्र से सांसद सुनीता दुग्गल बैठक में नहीं पहुंचे। वहीं पांच में से केवल सफीदों से कांग्रेस विधायक सुभाष गांगोली ही बैठक में मौजूद रहे। इस दौरान ग्रांट वितरण का अधिकार चेयरपर्सन मनीषा रंधावा को दिया जाएगा।
इसका 31 में से 20 सदस्यों ने समर्थन दिया। इसके चलते लगभग छह करोड़ रुपये की ग्रांट का चेयरपर्सन द्वारा वितरण किया जाएगा। हालांकि बैठक में वाइस चेयरमैन सतीश हथवाला संतुष्ट नहीं हुए। उनकी मांग पर एक बार चेयरपर्सन समर्थित सदस्यों को खड़ा किया गया और दो बार हाथ उठवाए गए। बैठक में पार्षदों ने पिछली बैठक में विकास कार्यों के जो प्रस्ताव पास हुए थे, उन पर काम शुरू नहीं होने के आरोप लगाए। इस पर पंचायती राज एक्सईएन पीके शर्मा ने कहा कि स्टाफ की कमी व अधिकारियों के तबादले व अन्य तकनीकी कारणों से एस्टीमेट बनाने में देरी हुई है। जो एस्टीमेट बन चुके हैं, उनमें से काफी कामों के टेंडर लग चुके हैं। बाकी कामों के भी टेंडर लगा कर जल्द काम शुरू करवाया जाएगा। मुख्य कार्यकारी अधिकारी डाॅ. किरण ने पिछले कामों को जल्द शुरू करवाने का आश्वासन दिया। वहीं पार्षदों द्वारा रोडवेज, शिक्षा विभाग, बिजली निगम, बीडीपीओ, बीएंडआर व अन्य विभागों से संबंधित मांगें पार्षदों ने रखी। बैठक में उपस्थित संबंधित विभागों के अधिकारियों को मुख्य कार्यकारी अधिकारी ने पार्षदों की मांगों पर कार्रवाई करने के आदेश दिए। जिला परिषद चेयरपर्सन मनीषा रंधावा ने कहा कि लगभग छह करोड़ की ग्रांट के वितरण के लिए भी कमेटी बनाने की बजाय हाउस के सदस्यों ने उन्हें अधिकार दिया है।
सभी वार्डों का एक समान विकास करवाया जाएगा। जल्द ही ग्रांट वितरित की जाएगी।