जींद। आरटीए कार्यालय टीम ने वीरवार को चेकिंग अभियान चलाया। इस दौरान पांच स्कूलों में 16 बसों की जांच की जिसमें चार बसों में सीसीटीवी कैमरे, फायर सिलिंडर और फर्स्ट एड बॉक्स नहीं मिले। आरटीए टीम ने कार्रवाई करते हुए साढ़े छह हजार रुपये का चालान किया।
जांच अभियान के लिए चार सदस्यीय टीम गठित की गई थी जिसमें जिला परिवहन अधिकारी कार्यालय से इंस्पेक्टर और एमवीआई, ट्रैफिक पुलिस से सब इंस्पेक्टर और जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय से एक प्रतिनिधि शामिल रहा। टीम ने बसों में सुरक्षा उपकरणों और दस्तावेजों की जांच की। जांच के दौरान चार बसों में सीसीटीवी कैमरे, फायर सिलिंडर और फर्स्ट एड बॉक्स नहीं मिले।
अधिकारियों ने बताया कि स्कूली बसों में जीपीएस, सीसीटीवी कैमरे, रिफ्लेक्टर, फायर सिलिंडर और प्राथमिक उपचार बॉक्स अनिवार्य हैं। इसके अलावा चालक के पास हैवी लाइसेंस, बस का परमिट और अन्य जरूरी दस्तावेज होना भी आवश्यक है। कई निजी बस संचालक नियमों की अनदेखी करते हैं, जिससे सड़क हादसों का खतरा बढ़ जाता है।
हालांकि पिछले सप्ताह 21 बसों की जांच की गई थी। इसमें से आठ बसों में कैमरा, फर्स्ट एड बॉक्स, फायर सिलिंडर, टैक्स व इंडिकेटर नहीं मिलने पर साढ़े 62 हजार रुपये का चालान किया गया गया था।
वर्जन
वीरवार को निजी स्कूलों की 16 बसों की जांच की गई, जिनमें से चार बसों में सीसीटीवी कैमरा, फायर सिलिंडर और फर्स्ट एड बॉक्स नहीं मिले। छह हजार रुपये का चालान किया गया। स्कूली बसों की जांच का यह अभियान लगातार जारी रहेगा ताकि बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
-बलजीत सिंह, निरीक्षक, जिला परिवहन अधिकारी कार्यालय, जींद