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Jind News: दूध के दाम बढ़ाने पर पशुपालकों को मिला भाकियू का समर्थन

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सफीदों। पशु चारे, खल-बिनौला और डेयरी कारोबार की बढ़ती लागत के बीच दूध के दाम बढ़ाने की मांग को किसान संगठनों का समर्थन मिलने लगा है। पशुपालकों की ओर से भैंस के दूध का भाव 100 रुपये और गाय के दूध का भाव 80 रुपये प्रति लीटर किए जाने की मांग को भारतीय किसान यूनियन (भाकियू) ने समर्थन दिया है।
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यूनियन के किसान नेता 10 सितंबर को पेहवा में होने वाली पशुपालकों और किसानों की बैठक में शामिल होकर इस मुद्दे पर चर्चा करेंगे। किसान नेता नवीन मलिक, गौरव मलिक, इकबाल निम्नाबाद और जयवीर पाजू कलां का कहना है कि महंगाई के चलते पशुपालन का खर्च लगातार बढ़ रहा है जबकि दूध के मौजूदा दामों में पशुपालकों के लिए लागत निकालना भी मुश्किल होता जा रहा है।
पशुओं को खिलाई जाने वाली खल, बिनौला और अन्य सामग्री के दाम में काफी वृद्धि हुई है। खल का कट्टा पहले करीब 1800 रुपये में मिलता था जिसकी कीमत अब बढ़कर करीब 3000 रुपये हो गई है। इसके अलावा सरसों के तेल सहित पशुओं के लिए इस्तेमाल होने वाली अन्य सामग्री भी महंगी हुई है।
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किसान नेताओं ने बताया कि पशुपालकों की ओर से भैंस के दूध का भाव 100 रुपये और गाय के दूध का भाव 80 रुपये प्रति लीटर निर्धारित करने का निर्णय लिया गया है। वहीं भैंस के घी का भाव 1500 रुपये और गाय के घी का भाव 2500 रुपये प्रति किलोग्राम तय किया गया है। निर्धारित भाव से कम कीमत पर दूध या घी बेचने वालों पर जुर्माना लगाने की बात भी कही गई है।
डेयरी संचालकों ने दिया था धरना
किसानों ने बताया कि कुछ दिन पहले वीटा डेयरी के सामने दूध के दाम बढ़ाने की मांग को लेकर डेयरी संचालकों ने धरना दिया था। इसके बाद दूध के दाम में केवल एक रुपये की बढ़ोतरी की गई। लागत को देखते हुए यह बढ़ोतरी पर्याप्त नहीं है। 10 सितंबर की पेहवा बैठक में इस मुद्दे पर आगे की रणनीति तय की जाएगी। जरूरत पड़ी तो किसान मुख्यमंत्री से मुलाकात कर अपनी मांग रखेंगे।

विधायक ने विधानसभा में उठाया मिलावट का मुद्दा
सफीदों के विधायक रामकुमार गौतम ने विधानसभा में दूध में मिलावट का मुद्दा उठाते हुए मिलावटखोरों के खिलाफ सख्त कानून बनाने की मांग की। उन्होंने कहा कि लोग महंगे दामों पर दूध खरीदते हैं लेकिन इसके बावजूद दूध में पानी और अन्य पदार्थों की मिलावट की जाती है। सरकार को मिलावट पर प्रभावी रोक लगाने के साथ दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करनी चाहिए। गौतम ने कहा कि वह स्वयं 90 रुपये प्रति लीटर की दर से दूध खरीदते हैं और दूध विक्रेता को स्पष्ट कहते हैं कि मिलावट करने पर उसके खिलाफ कार्रवाई होगी। इसके बावजूद मिलावट की शिकायतें सामने आती रहती हैं। उन्होंने कहा कि मिलावटखोरों में कानून का भय पैदा करने के लिए प्रभावी और कड़ा कानून बनाया जाना जरूरी है।
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