22जेएनडी22: जयंती देवी मंदिर में पूजा अर्चना करते हुए श्रद्वालु। पुजारी
जींद। शहर के जयंती देवी मंदिर में भगवान गोवर्धन की पूजा की गई। इसमें हजारों की संख्या में श्रद्वालुओं ने मंदिर में सुबह से शाम तक पूजा अर्चना की। सनातन धर्म में गोवर्धन पूजा का विशेष महत्व होता है।
जयंती देवी मंदिर के पुजारी नवीन शास्त्री ने बताया कि इस दिन भक्त अपने घर के आंगन में गाय के गोबर से गोवर्धन भगवान की मूर्ति बनाकर उसे फूलों से सजाते हैं। फिर भगवान को कई तरह के व्यंजनों का भोग लगाया जाता है।
आमतौर पर भगवान गोवर्धन को लेटे हुए पुरुष के रूप में बनाया जाता है और उनकी नाभि के स्थान पर मिट्टी का दीपक रखा जाता है। पूजा करते समय इस दीपक में दूध, दही, शहद, गंगाजल डाला जाता हैं। बाद में इन्हें प्रसाद रूप में सभी में बांट दिया जाता है।
गोवर्धन पूजा के दिन भगवान कृष्ण को 56 प्रकार के व्यंजनों का भोग लगाना बेहद शुभ माना जाता है। इस भोग में मीठा, खट्टा, नमकीन, कड़वा और कसैला हर प्रकार के स्वाद का भोजन शामिल होता है।