जींद। नारनौल-अंबाला एक्सप्रेस-वे 152डी पर सिवाहा गांव के पास शुक्रवार अलसुबह संदिग्ध हालात में कार में आग लग गई। इसमें गर्भवती महिला जिंदा जल गई। वहीं उसका पति हादसे में बाल-बाल बच गया। महिला अपने पति के साथ राजस्थान के मेहंदीपुर स्थित बालाजी की पूजा-अर्चना कर कार से घर लौट रही थी। मृतका की शिनाख्त सिवाहा गांव निवासी सीमा (28) के रूप में हुई है। मामले में मृतका के पिता ने पति पर हत्या करने का आरोप लगाया है। सदर थाना पुलिस ने पति जितेंद्र को नामजद कर अन्य के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज किया है।
हिसार जिला के गांव बडाला निवासी सज्जन ने सदर थाना पुलिस को दिया बयान में बताया कि उसकी बड़ी बेटी सीमा की शादी वर्ष 2012 में गांव सिवाहा निवासी जितेंद्र के साथ हुई थी। उनका आठ वर्षीय बेटा दीक्षित भी है और अब उसकी बेटी छह माह की गर्भवती थी। सुबह उन्हें फोन पर सूचना मिली कि सीमा की नारनौल-अंबाला एक्सप्रेस-वे 152डी पर गांव के निकट कार में जलने से मौत हो गई, जबकि उसका पति जितेंद्र सुरक्षित बच निकला। उन्होंने आरोप लगाया कि उसके दामाद जितेंद्र ने कुछ अन्य लोगों के साथ मिलकर योजनाबद्ध तरीके से उसकी बेटी की हत्या कर दी और फिर उसके शव को कार में डालकर जला दिया। घटना को हादसे का रूप देने के लिए योजना बनाई गई थी।
सदमे में परिवार
सीमा की मौत से मायका पक्ष के लोग गहरे सदमे में है। सीमा की एक बहन है। उसकी शादी दो अप्रैल को होनी है। परिवार और रिश्तेदार खुशी शादी की तैयारियों में जुटे हुए थे। मृतका के पिता के आंसू नहीं रूक रहे थे, जिसके साथ 12 साल पहले उसकी बेटी को विदा किया था। आज उसी ने उसकी बेटी की हत्या कर दी। उसकी बेटी को इंसाफ मिलना चाहिए।
वर्जन
सूचना मिलने पर पुलिस ने घटनास्थल का जायजा लिया। शव को कब्जे में लेकर उसका पोस्टमार्टम करवाकर परिजनों को सौंप दिया है। मायका पक्ष के लोगों ने मृतका के पति और अन्य पर हत्या करने का आरोप लगाया है। इस पर पुलिस ने मृतका के पति जितेंद्र को नामजद कर अन्य के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
-दिनेश कुमार, प्रभारी, सदर पुलिस थाना जींद।