जुलाना। देशां में देश हरियाणा जित दूध दही का खाना की कहावत वाले प्रदेश में युवा लगातार नशे की गिरफ्त में आ रहे हैं। युवाओं को अपने घर के पास ही आसानी से भांग के पौधे मिल रहे हैं। इससे युवाओं में नशे की लत बढ़ रही है, लेकिन प्रशासन का इस ओर कोई ध्यान नही है। इसके चलते ग्रामीण आंचल में बसने वाले युवा नशे के आदी बन रहे हैं।
जुलाना क्षेत्र के गांव मालवी में सड़क के दोनों ओर भांग के पौधे बारिश होते ही पैर पसार लेते हैं। इससे गांव और आस पास के नशेड़ियों की संख्या में दिन प्रतिदिन बढ़ोतरी होती रहती है। जुलाना से मालवी तक लगभग चार किलोमीटर तक भांग के पौधे उग गए हैं। गांव और आसपास के युवा नशे के लिए भांग के पौधों में हाथ रगड़ते रहते हैं। नशेड़ियों को कुछ समय में ही सस्ता नशा मिल जाता है। युवाओं में बढ़ती नशे की लत को लेकर परिजन काफी परेशान रहते हैं।
नशा आदमी को खोखला कर देता है। नशे का सीधा असर आदमी के दिमाग, परिवार और समाज पर पड़ता है। नशे से पूरा शरीर धीरे धीरे खत्म हो जाता है। इसके अलावा श्वास रोग भी हो जाते हैं।