जींद। लोकसभा चुनाव लड़ने वाले प्रत्याशियों को 4 जून को चुनाव परिणाम घोषित होने के एक माह के अंदर अपने चुनाव खर्च का ब्योरा देना होगा।
भारत निर्वाचन आयोग के अनुसार तय समयावधि में चुनाव खर्च का ब्योरा नहीं देने वाले प्रत्याशी को भविष्य में चुनाव लड़ने के अयोग्य घोषित किया जा सकता है। जिला निर्वाचन अधिकारी एवं उपायुक्त मोहम्मद इमरान रजा ने बताया कि इस बार लोकसभा आम चुनाव के लिए चुनाव खर्च की अधिकतम सीमा 95 लाख रुपये प्रति उम्मीदवार तय की गई थी।
नियमानुसार उम्मीदवार के नामांकन पत्र भरने के साथ ही चुनाव खर्च की गणना शुरू हो जाती है। इसके लिए उम्मीदवार को अलग से एक रजिस्टर में अपने रोजाना के खर्च का हिसाब रखना होता है। इसके साथ ही अलग से बैंक खाता भी खुलवाना होता है।
चुनाव प्रक्रिया पूरी होने तक खर्च की गणना चलती है। कोई भी उम्मीदवार तय सीमा से ज्यादा पैसा नहीं खर्च कर सकता। उन्होंने बताया कि चार जून को चुनाव परिणाम घोषित होने की तारीख से एक महीने के अंदर चुनाव खर्च का ब्योरा देना अनिवार्य है।