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विभागों से एनओसी और पंचायतों से जमीन मैं दिलाऊंगा, आप उद्योग लगाएं

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केंद्रीय मंत्री बीरेंद्र सिंह का स्वागत करते सेल के अधिकारी। - फोटो : bureau
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जींद ट्रक बॉडी बनाने व कंटेनर बनाने का बड़ा हब बन रहा है। इससे हजारों युवाओं को रोजगार मिल सकता है। यहां के लोग बहुत सक्षम हैं और यहां आईटीआई से प्रशिक्षण प्राप्त युवकों की कमी नहीं है। ऐसे में यहां इस्पात उद्योग से जुड़ी इकाइयां स्थापित हो सकती हैं। यह सुझाव डीसी विनय सिंह ने इस्पात मंत्री चौधरी बीरेंद्र सिंह और स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया के चेयरमैन वीके सिंह तथा भारतीय इस्पात निगम के अधिकारियों को दिया। मौका था उत्तर क्षेत्री इस्पात उपभोक्ताओं की इस्पात मंत्री चौधरी बीरेंद्र सिंह के साथ बैठक का। डीसी ने सेल और भारतीय इस्पात निगम के अधिकारियों और प्रदेश भर के उद्योग समूहों के प्रतिनिधियों को आश्वस्त किया कि वे पंचायतों से बातचीत कर जमीन भी मुहैया करा सकते हैं। वहीं प्रशासन से मिलने वाली तमाम तरह की एनओसी के लिए भी उद्योगपतियों को चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे।
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सीएसआर गतिविधियों के तहत करवाएं गांवों का विकास
इस दौरान डीसी विनय सिंह ने सेल और भारतीय इस्पात निगम के अधिकारियों से अपील की कि उनकी संस्थाएं सीएसआर (कॉरपोरेट सोशल रिस्पांसबिलिटी) योजना के तहत जींद जिले के कुछ गांवों को गोद लेकर यहां स्मार्ट गांव बनाने का काम करें। इससे चौधरी बीरेंद्र सिंह को काफी खुशी होगी।

आंकड़ों से बताई स्टील की खपत बढ़ाने के सुझाव
केंद्रीय मंत्री चौधरी बीरेंद्र सिंह रविवार को राजनेता के साथ-साथ स्टील व्यापारी भी नजर आए। उत्तर क्षेत्र के स्टील उपभोक्ताओं के साथ मीटिंग में चौधरी बीरेंद्र सिंह ने स्टील क्षेत्र की संभावनाओं और उसकी खपत का विस्तृत वर्णन इस प्रकार किया, जैसे वे स्टील कारोबारी हैं। बीरेंद्र सिंह ने अधिकारियों से भी कहा कि वे इस्पात की खपत बढ़ाने के लिए कंक्रीट की बजाए लोहे के पुल बनाएं। वहीं उन्होंने उद्योगों के प्रतिनिधियों से भी कहा कि वे अधिक से अधिक स्टील की खपत के लिए नए सुझाव दें।
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बिना सीएम बने प्रदेश से कैबिनेट मंत्री बनने वाला मैं अकेला

उचाना। इस्पात मंत्री बीरेंद्र सिंह ने कहा कि बिना सीएम बने केंद्र में कैबिनेट मंत्री बनने वाले वे अकेले नेता हैं। कैबिनेट में मंत्री रहे भजनलाल, बंसीलाल, राव वीरेंद्र प्रदेश के सीएम रह चुके थे। पीएम नरेंद्र मोदी ने सीधे कैबिनेट में मंत्री बनाया। हो सकता है कि कुछ आगे की वो सोच रहे हों। वह काकड़ोद गांव में जनसभा को संबोधित कर रहे थे। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि भाजपा को मजबूत करना है। आने वाले सवा तीन सालों में किसान, मजदूर, कमेरे वर्ग को भाजपा के साथ जोड़ा जाएगा ताकि प्रदेश में भाजपा मजबूत हो। पीएम नरेंद्र मोदी की अगुवाई में देश निरंतर तरक्की कर रहा है। युवाओं को अच्छी शिक्षा मिले वो अपनी पढ़ाई के दम पर शिक्षा हासिल कर सकें इसके लिए बुडायन गांव में केंद्रीय विद्यालय बनेगा। इससे पहले उन्होंने बरवाला ब्रांच से संदलाना माइनर पर हेड शिफ्टिंग का उद्घाटन किया। हेड शिफ्ट होने से उचाना खुर्द, काकड़ोद, मखंड, संदलाना की दो हजार एकड़ जमीन का नहरी पानी मिल सकेगा। हेड शिफ्टिंग के लिए उचाना खुर्द की भरतो देवी ने अपने पिता दुनी चंद की याद में एक कनाल तीन मरले जमीन दी है।

54 करोड़ से बनेंगी सड़कें
चौधरी बीरेंद्र सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री सड़क योजना से उचाना हलके के गांवों में 54 करोड़ रुपये की लागत से सड़कें बनाई जाएंगी। काकड़ोद से छान, बनभोरी की सड़क हो या और गांवों की सड़कें हों, सभी का निर्माण किया जाएगा।

11 की रैली में आएंगे भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष
चौधरी बीरेंद्र सिंह ने कहा कि 11 सितंबर को जींद में होने वाली रैली में प्रदेश भर से दो लाख कार्यकर्ता पहुंचेंगे। उन्होंने लोगों से आह्वान किया कि भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह के सामने पहले से अधिक भीड़ पहुंचनी चाहिए।

काम अटके तो मेरा फोन करता है काम
उन्होंने कहा कि पौने दो साल के कार्यकाल में हलके में विकास कार्य को लेकर विधायक प्रेमलता सक्रिय है। कोई भी काम अगर अटक जाता है तो उसके लिए मेरा फोन चलता है। आप लोगों की प्रदेश, केंद्र की सत्ता में भागीदारी है। जो मंत्रालय हमें मिला है, उससे जिले में कोई ऐसी फैक्ट्री लगवाने की कोशिश करेंगे की स्टील का कुछ सामान यहां बनने लग जाए।

विधायक ने फिर बताया दिल का दर्द
इस दौरान विधायक प्रेमलता ने कहा कि हलके के युवा सौतेले व्यवहार के चलते नौकरियों के मामले में पिछड़ गए हैं। युवाओं को चाहिए कि वो आने वाले समय में आने वाली सरकारी नौकरियों में आवेदन करें। भाजपा में सिफारिश नहीं बल्कि योग्यता के आधार पर रोजगार मिलता है। हलके में इतने विकास कार्य हो रहे हैं कि कुछ लोग कहते हैं कि सीएम सिटी करनाल से अधिक विकास कार्य यहां हो रहे हैं। विधायक ने कहा छोटे अधिकारी लोगों को गुमराह करते हैं।

ग्रामीण विकास मंत्रालय तो ऐसा जैसे, सास बहु को कहती है सारा कुछ उसका, लेकिन हाथ नहीं लगाना
मंत्रालय बदलने के सवाल पर चौधरी बीरेंद्र सिंह ने कहा कि पहले उनके पास ग्रामीण विकास एवं स्वच्छता मंत्रालय था। ग्रामीण विकास मंत्रालय का बजट 86 हजार करोड़ और स्वच्छता मंत्रालय का बजट 20 हजार करोड़ रुपये का था, लेकिन इस्पात मंत्रालय का एक साल का टर्नओवर 45 हजार करोड़ रुपये का है। इस पर पूछे गए सवाल पर चौधरी बीरेंद्र सिंह ने कहा कि निश्चित रूप से ग्रामीण विकास मंत्रालय उनकी रुचि का है, लेकिन इस्पात मंत्रालय में भी काम बहुत है। उन्होंने इस दौरान एक जुमला सुनाते हुए कहा कि ग्रामीण विकास मंत्रालय की स्थिति ऐसी थी, जिसमें सास बहु को कहती है कि सारा कुछ उसका है, लेकिन हाथ नहीं लगाना। इसी प्रकार ग्रामीण विकास मंत्रालय में बजट तो जारी करते थे, लेकिन खर्च राज्य सरकारों को करना होता था।

भाजपा में शामिल होंगे यादव, सिद्धू आएंगे वापस
कांग्रेस नेता कैप्टन अजय सिंह यादव के इस्तीफे पर बीरेंद्र सिंह ने कहा कि उम्मीद है कि वह भाजपा में आएंगे। वहीं नवजोत सिंह सिद्धू द्वारा पार्टी छोड़ने के सवाल पर हंसते हुए कहा कि मुझे लगता है दोनों वापस आ जाएंगे।
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