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Jind News: खड़ी रही बसें, भटकते रहे मुसाफिर

Mon, 25 Dec 2023 12:33 AM IST
रोहतक ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
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24जेएनडी07-बस अड्डे पर बस आने का इंतजार करते यात्री। संवाद
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जींद। रोडवेज संयुक्त मोर्चा के आह्वान पर करनाल में रविवार को कर्मचारियों ने मुख्यमंत्री के आवास का घेराव किया गया। इसमें जींद से भी 70 से ज्यादा रोडवेज कर्मचारियों ने हिस्सा लिया। कर्मचारियों के गैरहाजिर रहने से रोडवेज डिपो की व्यवस्था बिगड़ गई जिससे 25 से ज्यादा रोडवेज बसों के ब्रेक लग गए।
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15-20 लोकल रूटों पर बसें नहीं जा पाई और लंबे रूटों पर भी कई चक्कर मिस हुए। ऐसे में यात्रियों को भारी परेशानी हुई, वहीं रोडवेज को भी आर्थिक नुकसान हुआ है। रविवार को शामलो, कैथल, बधाना, पिल्लूखेड़ा, छात्तर, डाहोला आदि गांव प्रभावित रहे वहीं चंडीगढ़, रोहतक, हिसार, नरवाना, पानीपत जैसे रूटों पर चक्कर मिस हुए। इससे हजारों की संख्या में यात्री प्रभावित हुए। हालांकि इससे पहले ही रोडवेज कर्मचारियों की परेशानी झेल रहा था लेकिन अब एक ही दिन 70 से ज्यादा कर्मचारियों के अवकाश पर चले जाने से रोडवेज बस रूटों से बाहर होने लगी थी। अब रूटों से बाहर होने वाली रोडवेज बसों की संख्या बढ़ गई है। गौरतलब है कि 23 जून को सांझा मोर्चा के साथ बैठक में परिवहन मंत्री और प्रधान सचिव परिवहन ने मांगे मान ली थी लेकिन उन्हें लागू नहीं किया था, जिसके विरोध में रोडवेज कर्मचारियों ने मुख्यमंत्री के आवास का घेराव करने का फैसला लिया था। रोडवेज कर्मचारियों की मांग है कि 2016 के चालकों को पक्का किया जाए, अवकाश पहले की तरह होने चाहिए, आठ साल का बकाया बोनस दिया जाए। पांच हजार जोखिम भत्ता दिया जाए, 2002 से 1993 के बीच के चालक जॉइनिंग डेट से पक्के होने चाहिए व चालक की प्रमोशन के लिए स्टैंड इंचार्ज का पद दिया जाए।

आखिरी महीना होने के चलते अवकाश पर चालक-परिचालक

साल का आखिरी महीना होने के चलते दिसंबर में 75 से ज्यादा चालक-परिचालक अवकाश पर चल रहे हैं। इस आखिरी महीने में सभी कर्मचारियों की अवकाश लेेने की दिलचस्पी रहती है क्योंकि कर्मचारियों के पूरे साल के अवकाश बचे हुए होते हैं। यदि कर्मचारियों ने अवकाश नहीं लिए तो वह समाप्त हो जाएंगे और उनका कर्मचारियों को कोई लाभ नहीं मिल पाएगा। इसको देखते हुए हर कर्मचारी अपने बचे हुए अवकाश लेना चाहता है।
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लोकल रूटों पर इंतजार करते रहे यात्री

बस अड्डे पर बने लोकल रूटों के बूथों पर पूरा दिन एक भी बस नहीं लगी। इसको लेकर पूरा दिन यात्रियों की भीड़ लगी रही वहीं यात्री बसों के बूथों पर लगने का इंतजार करते रहे। यात्री बार-बार पूछताछ केंद्र पर बसों के बूथों पर लगने के बारे में पूछते रहे लेकिन पूछताछ केंद्र पर तैनात कर्मचारी का यही जवाब था कि आज डिपो में कर्मचारी ही नहीं है, जिससे लोकल रूटों पर आज बसें नहीं जाएंगी। वहीं बस अड्डे पर परिचालकों के लिए बनाए गए बूथ भी खाली पड़े रहे। वहां की खिड़कियां और दरवाजे खुले पड़े रहे। बसों के न जाने के कारण यात्रियों को मायुस होकर बस अड्डे से लौटना पड़ा। इसके बाद वह निजी वाहनों के सहारे अपने गंतव्य की ओर रवाना हुए।

दिसंबर महीने के चलते 75-80 रोडवेज कर्मचारी अवकाश पर चल रहे हैं। वहीं रविवार को मुख्यमंत्री के आवास का घेराव करने को लेकर जींद डिपो से 70-75 कर्मचारी करनाल गए हुए हैं। रोडवेज कर्मचारियों के अवकाश पर चले जाने से रूट प्रभावित हुए हैं, जिससे 10-15 लोकल रूटों पर बसें नहीं जा पाई वहीं लंबे रूटों पर भी कुछ चक्कर मिस हुए हैं।
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राजबीर शामदो, डीआई, रोडवेज डिपो जींद

24जेएनडी07-बस अड्डे पर बस आने का इंतजार करते यात्री। संवाद

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