जींद बस स्टैंड पसिर में खड़ी रोडवेज और समितियों की बसें। संवाद
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सोनीपत से जींद डिपो में ट्रांसफर हुई किलोमीटर स्कीम की पांच बसों को चलाने की अनुमति डिपो महाप्रबंधक ने दे दी है। इसके साथ ही इन बसों का परिचालन शुरू हो गया है। इन बसों का परिचालन स्थानीय रूटों पर होगा, जिससे यात्रियों को काफी सुविधा होगी। इन बसोें को रोहतक, हिसार और भिवानी रूट पर चलाया जाएगा।
जींद डिपो में रोडवेज की 175 से अधिक और परिवहन समितियों की 90 बसे हैं। सोनीपत से ट्रांसफर होकर आई पांचों बसों को प्रतिदिन 300 किलोमीटर की दूरी तय करनी होगी। वहीं पहले से डिपो में शामिल किलोमीटर स्कीम वाली 15 बसों को दिनभर में 400 किलोमीटर तय करना होता है। पहले की 15 बसों को लंबे रूटों पर लगाया गया था, लेकिन दिल्ली की सीमा पर चल रहे किसान आंदोलन के कारण अभी इन बसों का परिचालन भी स्थानीय रूटों पर हो रहा है। स्थिति सामान्य होने के बाद इन बसों को पहले की तरह श्रीगंगानगर, सालासर, पटियाला और चंडीगढ़ चलाया जाएगा। किलोमीटर स्कीम वाली बस पर चालक निजी बस ऑपरेटर का होता है और परिचालक रोडवेज कर्मचारी होता है। रोडवेज की तरफ से निजी बस ऑपरेटर को 26.92 रुपये प्रति किलोमीटर के हिसाब से भुगतान किया जाता है।
यात्रियों को होगा फायदा
सोनीपत से ट्रांसफर होकर आई किलोमीटर स्कीम वाली पांचों बसों को चलाने का आदेश जार कर दिया गया है। इन बसों का एग्रीमेंट हो गया है। किलोमीटर स्कीम वाली बसों को मिलाकर डिपो में 175 से अधिक बसें हैं। रोडवेज का प्रयास है कि यात्रियों को ज्यादा से ज्यादा सुविधा दी जाए।
बिजेंद्र सिंह, रोडवेज जीएम, जींद डिपो।