सर्व बूरा खाप हरियाणा की प्रदेश कार्यकारिणी की रविवार को हुई बैठक में फैसला लिया गया कि दो लड़कियों के बाद जो भी दंपति आगे संतान पैदा नहीं करेंगे, उन्हें बूरा खाप सम्मानित करेगी।
शादी में दहेज नहीं लेने वाले परिवार को भी सम्मानित किया जाएगा। इसके अलावा किसी की मौत पर अब 13 दिन की बजाय केवल सात दिन ही शोक रखा जाएगा। मौत के बाद आटा, दाल और घी नहीं ले जाने का फैसला लिया गया।
शहर के एक होटल में हुई बैठक में समाज में फैली कुरीतियों को मिटाने के लिए विचार-विमर्श किया गया।
बाद में बूरा खाप के प्रधान राजबीर बूरा ने बताया कि बैठक में यह प्रस्ताव भी पारित किया गया कि अब बारात में 21 आदमियों को ही ले जाया जाएगा। उन्होंने कहा कि समाज में बुराइयों के चलते समस्या पैदा हो रही है। इन बुराइयों को खत्म करने के लिए यह पंचायत की गई।
खाप की तरफ से इन मुद्दों को लोगों तक पहुंचाने का प्रयास किया जाएगा। बैठक में भलेराम बूरा, खजान सिंह, मियां सिंह, दयानंद बूरा, अमीर, जयपाल, नसीब, प्रेम, वेदप्रकाश, दयाकिशन, रामचंद्र, गजे सिंह, मौजूद थे।