अपोलो चौक पर अतिक्रमण की सीएम विंडो में की शिकायत पर संज्ञान लेते हुए बृहस्पतिवार को नगर परिषद पर कार्रवाई शुरू कर दी। नप अधिकारी भारी पुलिस बल के साथ दुकानदारों द्वारा किए गए अतिक्रमण हटाने पहुंचे। इससे दुकानदारों में हड़कंप मच गया।
दुकानदारों द्वारा विरोध की आशंका के चलते शहर पुलिस थाना प्रभारी रविश कुमार स्वयं घटना स्थल पर मौजूद रहे।
इस दौरान दुकानदारों ने समय देने की मांग करके प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की जबकि मौजूद अधिकारियों ने कोई सुनवाई नहीं की।
अतिक्रमण के चलते शहर में जाम लगा रहता है।
इस पर रेलवे रोड निवासी पूर्व मंत्री टेकचंद नैन के पुत्र वीरेंद्र सिंह नैन पिछले एक वर्ष से सीएम विंडो पर शिकायत देकर शहर में अतिक्रमण हटाने की मांग कर रहे थे।
कई शिकायतों के बाद नगर परिषद के अधिकारी हरकत में आए और बृहस्पतिवार को अतिक्रमण हटाने अपोलो चौक पहुंचे और दुकानदारों द्वारा बनाए शानदार पत्थरों के चबूतरों को उखाड़ दिया।
दुकानदारों ने इस कार्यवाई का जमकर विरोध किया लेकिन नायाब तहसीलदार होशियार सिंह और नगर परिषद सचिव अमन ढांडा ने कार्रवाई जारी रखी।
19 जनवरी को एसडीएम से ड्यूटी मजिस्ट्रेट नियुक्त करने और पर्याप्त पुलिस बल तैनात करने की मांग की। नायब तहसीलदार होशियार सिंह को ड्यूटी मजिस्ट्रेट नियुक्त करके शहर पुलिस मौके पर पहुंची।
इस कार्रवाई में नप टीम ने बृहस्पतिवार को एक साइड के सभी चबूतरे उखाड़ दिए। कई दुकानदारों ने अपने दुकान के फर्श और अंदर दरार आने की शिकायत भी की। कई दुकानदारों को स्वयं अपने कीमती पत्थरों को उतारते देखा गया।
दुकानदारों को मिलना चाहिए था समय-नरेश जैन
अग्रसेन सेवा समिति के कोषाध्यक्ष नरेश जैन ने अचानक की कार्रवाई की कड़ी आलोचना की।
उन्होंने कहा कि दुकानदारों को स्वयं चबूतरों को हटाने का समय मिलना चाहिए था लेकिन नगर परिषद अधिकारियों ने कोई सुनवाई नहीं की। उन्होंने इस पर कड़ा एतराज किया कि नालों पर बनी स्लैबों को भी उखाड़ दिया गया जबकि
नालों को स्वयं बंद नहीं किया जा रहा। दुकानदारों ने स्वयं नालों को कवर करके सीढ़ियां बनाई थी।
अतिक्रमण की मिल रही थी शिकायतें-अमन ढांडा
नगर परिषद के सचिव अमन ढांडा ने बताया कि पिछले कई माह से दुकानदारों द्वारा किए अतिक्रमण की शिकायतें मिल रही थी। एसडीएम सुमित कुमार ने स्वयं आकर इन दुकानदारों को समझाया था जिस पर दुकानदारों ने जल्द अपने चबूतरे हटाने का वादा किया था लेकिन दुकानदारों ने जब स्वयं कुछ नहीं किया तो प्रशासन ने
मजबूरी में जेसीबी लेकर अतिक्रमण हटाने की मुहिम शुरू करनी पड़ी। उन्होंने कहा कि यह मुहिम पूरे शहर में चलेगी। उन्होंने लोगों को स्वयं अपने नाजायज चबूतरे हटाने की अपील की और दुकानदारों से अपना सामान दुकानों के अंदर रखने को कहा। उन्होंने कहा कि अगर दुकानदार ऐसा नहीं करते तो उनके खिलाफ कार्रवाई की
जाएगी। एक प्रश्न के उतर में उन्होंने कहा किसी के चबूतरे को नहीं छोड़ा जाएगा।
अतिक्रमण हटाने को लेकर भेदभाव न बरते प्रशासन - वीरेंद्र नैन
अतिक्रमण की शिकायत करने वाले वीरेंद्र नैन ने कहा कि गुरुवार को प्रशासन ने कई दुकानदारों का लिहाज कर दिया। कई चबूतरों को बिना उखाड़े आगे बढ़ गया इससे प्रशासन की कार्रवाई पर सवालिया निशान लगता है।
उन्होंने कहा कि जिसका भी चबूतरा नाजायज है उन्हें उखाड़ दिया जाना चाहिए।
वीरेंद्र नैन ने कहा कि अपोलो चौक में दुकानदारों द्वारा किए अतिक्रमण के कारण दिन में कई बार जाम लगता है। स्कूल में जाने वाले बच्चों को काफी परेशानी होती है।
व्यापार मंडल ने नप को दिया ज्ञापन
नरवाना व्यापार मंडल के प्रधान अचल मित्तल के नेतृत्व में दुकानदारों ने नगर परिषद के सचिव अमन ढांडा को ज्ञापन देकर नालों पर बने ढक्कन और चढ़ने के लिए बनी सीढ़ियों को न तोड़ने की गुहार लगाई। अचल मित्तल ने कहा कि पहले तो नप सचिव ने इस मान लिया लेकिन बाद में सीढ़ियों को तोड़ दिया जो गलत है।
जींद: अनाज व काठ मंडी में 90 फुट तक अतिक्रमण
दूसरी ओर जींद शहर में अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई करते हुए नगर परिषद की टीम ने अनाज व काठ मंडी में निशानदेही की। अब यहां सोमवार से अतिक्रमण हटाया जाएगा।
गौरतलब है कि नगर परिषद द्वारा शहर में अतिक्रमण हटाने का अभियान शुरू किया गया है। इसके तहत बुधवार मेन बाजार में अतिक्रमण हटाया गया था।
इसी कार्रवाई को आगे बढ़ाते हुए नगर परिषद की टीम ने बृहस्पतिवार को काठ मंडी और पुरानी अनाज मंडी में निशानदेही कराई। नगर परिषद के पटवारी सुरेश कुमार के अनुसार पुरानी अनाज मंडी में व्यापारियों ने 30 से 90 फुट तक अतिक्रमण किए हैं।
सोमवार से अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई शुरू की जाएगी। गौरतलब है कि मंगलवार को अतिक्रमण पर सुनवाई के दौरान कोर्ट ने नगर परिषद को कड़ी फटकार लगाई थी।