जींद। निर्माण मजदूरों और मिस्त्रियों की समस्याओं के समाधान की मांग को लेकर श्रम मंत्री के आवास पर प्रदर्शन करने के लिए अंबाला कैंट के लिए कूच किया। भवन निर्माण कामगार यूनियन के जिला प्रधान जोगेंद्र, सचिव संदीप जाजवान और कोषाध्यक्ष राजेश कुमार ने कहा कि सरकार की ओर से निर्माण मजदूरों के पंजीकरण को रद्द कर दिया गया।
इससे निर्माण मजदूरों में भारी रोष है। जब तक सरकार इस पंजीकरण को बहाल नहीं करती, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। मजदूर नेताओं ने कहा कि यूनियन लंबे समय से बोर्ड से मिलने वाले लाभ और 90 दिन की जांच में फैले भ्रष्टाचार को उजागर करती रही है। विधानसभा के चुनाव मे भाजपा ने डीएससी और बीसी के नाम पर वोट लेने के बावजूद भी सबसे ज्यादा हमले इन्हीं तबकों पर किए गए हैं।
पहले 90 दिन की जांच का अधिकार यूनियनों से छीना गया। इसके पीछे तर्क यह दिया गया कि भ्रष्टाचार बढ़ रहा है, जबकि यह सच नहीं था। उसी समय अपना विरोध दर्ज करवाते हुए यूनियन का कहना था कि अब जिनको जांच का अधिकार दिया गया है, वह भ्रष्टाचार के अड्डे बनेंगे और यूनियन की बात सही साबित हुई है। संवाद