करसोला गांव में सैनिक को सलामी देते हुए सैनिक। संवाद
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जुलाना। बीएसएफ में तैनात इंस्पेक्टर करसोला गांव निवासी ओम सिंह (57) का लंबी बीमारी के चलते वीरवार को निधन हो गया। राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया। उन्होंने पीजीआई रोहतक में अंतिम सांस ली।
अंतिम संस्कार में जुलाना विधायक अमरजीत ढांडा के अलावा बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे। सबने सैनिक को नम आंखों से अंतिम विदाई दी। मृतक सैनिक ओम सिंह के भाई कप्तान सिंह ने बताया कि ओम सिंह के शरीर की नसें ब्लॉक हो गई थीं, जिससे बीपी की समस्या पैदा हो गई। ओम सिंह को 25 अक्तूबर को लखनऊ के अस्पताल में भर्ती करवाया गया था। उसके बाद उनके स्वास्थ्य में सुधार हुआ तो आठ नवंबर को फिर से उनकी तबीयत बिगड़ गई और उन्हें गुरुग्राम के एक निजी अस्पताल में भर्ती करवाया गया। ठीक होने पर उन्हें घर लाया गया लेकिन चार दिसंबर को फिर से तबीयत बिगड़ने पर रोहतक पीजीआई में दाखिल करवाया गया। जहां पर उसने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। ओम सिंह के परिवार में दो लड़के हैं। ओम सिंह 1986 में हिसार से सिपाही के पद पर भर्ती हुए थे और अब इंस्पेक्टर बन चुके थे। तीन साल से उत्तर प्रदेश के लखनऊ में सेवारत थे। उनका अंतिम संस्कार उनके पैतृक गांव करसोला में राजकीय सम्मान के साथ किया गया। जुलाना के विधायक अमरजीत ढांडा ने कहा कि सैनिक की मृत्यु से उन्हें गहरा शोक है और परिवार के प्रति अपनी संवेदना प्रकट करते हैं। इस अवसर पर पवन करसोला, पूर्व सरपंच एसोसिएशन के जिला प्रधान राजेश गोयत, नरेंद्र लाठर सहित सैंकड़ों ग्रामीण मौजूद रहे।