संवाद न्यूज एजेंसी
जींद। छोटे भाई की कुल्हाड़ी से गर्दन काटकर हत्या करने के आरोपी बड़े भाई संडील निवासी महीपाल को अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश नेहा नौरिया की अदालत ने दोषी करार देते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई। साथ ही तीस हजार रुपये जुर्माना भी लगाया। जुर्माना न भरने की सूरत में दोषी को दो साल का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
अभियोजन पक्ष के अनुसार गांव संडील निवासी बिमला ने 15 जनवरी 2021 को अलेवा थाना पुलिस दी शिकायत में बताया था कि उसका बड़ा भाई महीपाल और छोटा भाई कुलदीप गांव में साथ रहते थे। दोनों शराब पीने के आदी थे। कुलदीप अविवाहित था। अक्सर वह महीपाल की पत्नी के साथ भी मारपीट करता था। शाम को कुलदीप ने अपनी भाभी के साथ झगड़ा किया, जिस पर महीपाल की अपने छोटे भाई से कहासुनी हो गई थी। दोनों भाई आपस में झगड़ते हुए श्मशान घाट पहुंच गए और वहां पर महीपाल ने कुलदीप की गर्दन पर कुल्हाड़ी से वार कर दिया, जिसमें कुलदीप की मौके पर ही मौत हो गई। अलेवा थाना पुलिस ने मृतक की बहन बिमला की शिकायत पर बड़े भाई महीपाल के खिलाफ हत्या समेत विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर गिरफ्तार कर लिया था। तभी से मामला अदालत में विचाराधीन था। शुक्रवार को अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश नेहा नौरिया की अदालत ने छोटे भाई की हत्या के आरोपी बड़े भाई महीपाल को दोषी करार देते हुए उम्र कैद तथा तीस हजार जुर्माने की सजा सुनाई है। जुर्माना न भरने की सूरत में दोषी को दो साल का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।