जींद। मच्छरजनित रोगों के अलावा दूषित पानी से होने वाले डायरिया, हैजा व पीलिया से लोगों को निजात दिलाने लिए स्वास्थ्य कर्मियों ने मंगलवार को घर-घर जाकर लोगों को जागरूक किया।
स्वास्थ्य निरीक्षक राममेहर वर्मा की अगुवाई में स्वास्थ्य कर्मियों ने निरोगी हरियाणा के तहत मधुमेह, उच्च रक्तचाप, खून की कमी की जांच करते हुए लोगों को समय पर इलाज करवाने की सलाह दी। दूषित पानी से होने वाली बीमारियों से बचाव के लिए पीने के पानी के सैंपल लेकर जांच के लिए भिजवाए। 24 बुखार पीड़ित मरीजों की जांच के लिए रक्त के नमूने लिए। स्वास्थ्यकर्मियों ने लोगों को बताया कि घर तथा आसपास की सफाई करते हुए गड्ढों, खाली पड़े टायरों व गमलों में गंदा पानी जमा न होने दें। पानी के बर्तनों को ढककर रखे, सोते समय मच्छरदानी का इस्तेमाल करें। सप्ताह में एक बार कूलर, फूलदान, पशु-पक्षियों के पानी के बर्तन व हौदी को सुखाकर भरें। अगर ऐसा करते हैं तो डेगू, मलेरिया, चिकनगुनिया के अलावा डायरिया, हैजा ौऔर पीलिया से बच सकते हैं। उन्होंने बताया कि यदि सर्दी व कंपन के साथ तेज बुखार, उल्टी, गर्मी लगने, बुखार एक दिन छोड़कर दूसरे दिन आए, उल्टी-दस्त होने, कमजोरी आने पर खून की जांच करवाएं।
स्वास्थ्य निरीक्षक राममेहर वर्मा ने बताया कि जिस तरह पिछले साल डेंगू के डंक ने लोगों को सताया, उससे बचने के लिए अभी से जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। इस अवसर पर स्वास्थ्यकर्मी ओमप्रकाश, दिनेश, जगदीप, गुरनाम, पवन कुमार, मनफूल, राजरानी, सीता देवी, पूनम, दर्शना, अंजू, सुमन, राधा, उर्मिला, सविता, अशमीना, सोनिया, शीला, मंजू, मुकेश मौजूद रहीं।
09जेएनडी18: महिला के सैंपल लेते हुए स्वास्थ्य कर्मी। स्रोत प्रशासन