जींद। धान व बाजरे की सरकारी खरीद 25 सितंबर से शुरू हो चुकी है, लेकिन अब तक शहर की अनाजमंडी में न तो बाजरा और न ही पीआर धान की खरीद शुरू हो पाई। इसका कारण यह है कि मंडी में मेरी फसल मेरा ब्योरा पर दर्ज हुए बाजरे की बुधवार को सिर्फ एक ही ढेरी आई है, जबकि पिछले कई दिनों से मंडी में बाजरे की निजी खरीद चल रही है, जिन किसानों ने बाजरे को ऑनलाइन नहीं करवाया, वह मंडी में निजी बोली पर बेच रहे हैं। मंडी में बुधवार को लगभग 50 क्विंटल पीआर धान आया तो वहीं लगभग दस क्विंटल बाजरा भी आया। मंडी में गेट पर दोनों फसलों के गेट पास काटे गए। इसके बाद खरीद एजेंसियों ने इन फसलों का निरीक्षण किया, जिसमें धान में नमी की अधिक मात्रा बताकर सुखाया गया, जबकि बाजरे में कालापन बताया गया। इसके कारण मंडी में अभी तक न तो बाजरा और न ही पीआर धान की खरीद शुरू हुई। बाजरे का सरकारी दाम जहां पर सरकार ने 2500 रुपये प्रति क्विंटल निर्धारित किया है तो वहीं मंडी में व्यापारी बाजरे को निजी खरीद पर 1800 से लेकर 1960 रुपये प्रति क्विंटल खरीद रहे हैं। अब तक शहर की अनाज मंडी में धान की किस्म 1509 की निजी खरीद सुचारू रूप से चली हुई है। अब तक मंडी में यह लगभग 1200 क्विंटल खरीदी जा चुकी है।
धान खरीद के लिए मंडी प्रशासन तैयार
मंडी प्रशासन ने धान खरीद की सभी तैयारियों को पूरा कर लिया है। बुधवार को पहले दिन मंडी में एक ढेरी बाजरा तो एक पीआर धान की आई है। धान में नमी तो बाजरा में कालेपन होने के कारण खरीद नहीं हो पाई। मंडी प्रशासन की ओर से कहा गया है कि जो किसान मंडी में धान लेकर आ रहे हैं वह सुखाकर लाएं, ताकि आते ही किसान धान को बेच सकें, जिससे किसान को मंडी में किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।
-संजीव कुमार, मंडी सचिव जींद।