जींद। द रेवेन्यू पटवार एवं कानूनगो एसोसिएशन के आह्वान पर पटवारियों ने पटवार भवन से लघु सचिवालय पहुंचकर मांगों से संबंधित ज्ञापन डीसी मोहम्मद इमरान रजा को सौंपा। ज्ञापन के माध्यम से मांग की गई कि सरकार द्वारा जारी की गई लिस्ट को रद्द किया जाए। सरकार द्वारा भ्रष्ट नाम से पटवारियों की लिस्ट जारी करने के बाद पटवारियों का विरोध थमने का नाम नहीं ले रहा है।
सोमवार को पटवारियों ने अपनी बाजू पर काली पट्टी बांधकर कार्य किया। प्रदर्शन से पहले जिलेभर के पटवारी गोहाना रोड के पास पटवार भवन में जिला प्रधान सूबे सिंह के नेतृत्व में एकत्रित हुए। यहां से पटवारी नारेबाजी करते हुए लघु सचिवालय पहुंचे। डीसी कार्यालय के नीचे सरकार के खिलाफ नारेबाजी की गई। इसके बाद डीसी को मांगों का ज्ञापन सौंपने के बाद सूबे सिंह और रवि दत्त ने कहा कि 16 जनवरी को विभागीय जांच के बिना ही किसी अज्ञात एजेंसी से रिपोर्ट करवाकर पटवारियों को भ्रष्ट करार दिया गया, जो सही नहीं है। जांच पूरी होने से पहले किसी को दोषी करार देना न्यायसंगत नहीं है। पब्लिक डीलिंग वाले विभागों में आरोप किसी पर भी लग सकता है, लेकिन जब तक जांच नहीं हो जाती और दोषी साबित नहीं हो जाता, उसे भ्रष्ट नहीं ठहराया जा सकता है। एसोसिएशन की मांग है कि इस लिस्ट को तुरंत प्रभाव से निरस्त किया जाए।
पटवारियों ने कहा कि जब तक लिस्ट को निरस्त नहीं किया जाता, वह अपने मूल हलके को छोड़ किसी भी दूसरे हलके का काम नहीं करेंगे। रवि दत्त ने कहा कि एक पटवारी पर कई हलकों, कई सर्कल के कार्य की जिम्मेदारी होती है और सरकार को समय पर काम देना होता है। इसलिए कई बार सहायक रखना उनकी मजबूरी भी हो सकती है, लेकिन केवल इसी आधार पर उन्हें भ्रष्टाचारी नहीं कहा जा सकता है। प्रदर्शन के बाद सभी पटवारी काम पर लौट गए। इस अवसर पर सन्नी पटवारी, विक्की, रविदत, नरेश चहल मौजूद रहे।