उचाना। हरियाणा में चल रही एसआईआर प्रक्रिया को लेकर पूर्व केंद्रीय मंत्री बीरेंद्र सिंह ने भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा योजनाबद्ध तरीके से वोटों में हेरफेर कर लोकतांत्रिक व्यवस्था को प्रभावित करना चाहती है।
वे रविवार को आरजीएम उचाना में पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे। उन्होंने कहा कि भाजपा की व्यवस्था परिवर्तन की सोच अब वोटों की व्यवस्था बदलने तक पहुंच गई है। केवल ईवीएम की जगह बैलेट पेपर से चुनाव कराने की मांग पर्याप्त नहीं है क्योंकि यदि वोटर लिस्ट में ही गड़बड़ी होगी तो चुनाव ईवीएम से हों या बैलेट पेपर से लोकतंत्र प्रभावित होगा।
उन्होंने कहा कि यह लड़ाई लोकतंत्र की रक्षा और उसे मजबूत करने की है। जहां-जहां एसआईआर लागू हुआ है, वहां अनियमितताएं सामने आई हैं। पश्चिम बंगाल का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि वहां 27 लाख वोट काटे गए, जबकि किसी भी नागरिक से पांच साल के लिए उसका मतदान अधिकार नहीं छीना जा सकता।
उन्होंने आरोप लगाया कि पूरी प्रक्रिया इस सोच के साथ चलाई जा रही है कि चुनाव परिणाम भाजपा की इच्छा के अनुरूप आएं। इस दौरान उन्होंने कहा कि नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने भी सभी विपक्षी दलों और आम जनता से लोकतंत्र बचाने की इस लड़ाई में आगे आने का आह्वान किया है। इस मौके पर सज्जन सिंह, हरेंद्र सिंह, संजीव डूमरखा, सुरेंद्र गर्ग, सुरेश पंघाल, विजेंद्र डूमरखा, जुगमिंद्र कोच और कंवल सिंह मौजूद रहे।
चानौत गांव में पानी के विवाद में सरकार को घेरा
बीरेंद्र सिंह ने चानौत गांव में नहरी पानी को लेकर टी लगाने के मामले पर भी सरकार को घेरा। आरोप लगाया कि भाजपा ने लोगों को गुमराह करने के लिए अपने समर्थकों और आरएसएस से जुड़े लोगों को आंदोलन स्थल पर भेजा। ग्रामीणों को यह विश्वास दिलाया गया कि उनकी मांगें मान ली गई हैं। इसके बाद पीएम मोदी, मनोहर लाल, नायब सिंह सैनी और “भाजपा जिंदाबाद” के समर्थन में नारे लगवाए गए। कुछ घंटे बाद प्रशासन एफआईआर दर्ज करने की बात कहता है। राजनीति में मर्यादा होनी चाहिए। यदि सरकार ने आंदोलन खत्म कराने के लिए झूठ बोला था तो उसे स्वीकार कर जनता से माफी मांगनी चाहिए।