केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री पर सिंचाई विभाग के एक एक्सईएन द्वारा धमकी देने के आरोप लगाने के बाद बीरेंद्र सिंह समर्थकों ने मंगलवार को डीसी को ज्ञापन सौंपा।
इन लोगों ने एक्सईएन पर जातीय उन्माद भड़काने का आरोप लगाया है। बीरेंद्र समर्थक और मामले में शुरूआती आरोपी संदीप हैबतपुर के नेतृत्व में कई ग्रामीण उपायुक्त से मिले। डीसी को दी शिकायत में इन लोगों ने कहा कि सिंचाई विभाग के कार्यकारी अभियंता श्रवण कुमार लांगयान ने कुछ किसानों के मार्फत जो शिकायत दी थी, वह केवल झूठ का पुलिंदा है। सिंचाई विभाग के अभियंता ने अपनी कुर्सी की आड़ में राजनीतिक मोहरा बनकर केंद्रीय मंत्री पर जो आरोप लगाए हैैं, वह पूरी तरह से बेबुनियाद हैं।
कार्यकारी अभियंता को एक भी शब्द ऐसा नहीं कहा, जिसे धमकी कहा जाए। पिछले दिनों गांव खेड़ी तलोडा, सुंदरपुर, खोखरी, हैबतपुर, लोहचब समेत कई गांवों के लोगों ने रजवाहा नंबर-4 पर कार्यरत ओमप्रकाश मेट का तबादला रुकवाने की मांग की थी। ओमप्रकाश मेट के तबादले से ग्रामीणों को सिंचाई कार्यों में परेशानी आ रही थी। इन्हीं लोगाें की समस्याओं के संदर्भ में जब कार्यकारी अभियंता से मिले तो उन्होंने ग्रामीणों के हितों को दरकिनार कर दिया। कार्यकारी अभियंता के अभद्र व्यवहार से परेशान होकर केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री चौधरी बीरेंद्र सिंह से मिले तो उन्होंने ग्रामीणों की सुविधाओं को देखकर सिंचाई विभाग के अधिकारी से निष्पक्ष कार्य करने को कहा। कार्यकारी अभियंता ने केंद्रीय मंत्री की बात को भी अनसुना कर दिया। संदीप हैबतपुर ने कहा कि कार्यकारी अभियंता ने अपनी ड्यूटी के विपरीत जाकर सुनियोजित तरीके से लोगों की आड़ में जातीय उन्माद भड़काने का प्रयास किया है। डीसी से मांग करते हुए उन्होंने कहा कि जातीय उन्माद भड़काने का प्रयास करने वाले अधिकारी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए। इस मौके पर संदीप हैबतपुर के साथ रमेश सरपंच खोखरी, राजेंद्र सरपंच असरफगढ़, संदीप बाल्मीकि सरपंच हैबतपुर, सतबीर सरपंच पाथरी, सुरेश खेड़ी तलौड़ा, शमशेर, नवीन, विशाल आदि मौजूद थे।